आजाद देश भारत में आज भी बच्चों का अपहरण और खरीद-फरोख्त के साथ बंधुआ मजदूरी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। मामला राजगढ़ जिले में नरसिंहगढ़ के बड़ा बाजार वार्ड क्रमांक दो का है। यहां से मंगलवार को नरसिंहगढ़ पुलिस और अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी राजगढ़ की टीम द्वारा छह साल के बालक को सचिन मालवीय के घर से रेस्क्यू कर मुक्त कराया गया।
बालक के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी कि सचिन मालवीय और उसकी प्रेमिका द्वारा एक छह साल के बालक को दो साल से बंधुआ मजदूर बनाकर काम करवाया जा रहा है। जानकारी के बाद अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी और पुलिस की संयुक्त टीम सचिन मालवीय के घर पहुंची। जहां से बालक को रेस्क्यू कर संरक्षण में लेते हुए थाने लाया गया। टीम द्वारा बालक से बातचीत की गई, जिसमें बालक द्वारा बताया गया कि वह भोपाल का रहने वाला है। दो साल पहले उसको उसकी मम्मी और गिन्दौर मीणा के रतन द्वारा नरसिंहगढ़ आकर सचिन और उसकी प्रेमिका कौशल्या को दे दिया गया था।
तब से बालक सचिन के घर पर झाड़ू लगाना, पानी भरना और बर्तन धोने का काम करता था। काम नहीं करने पर सचिन मालवीय और उसकी प्रेमिका कौशल्या के द्वारा नशा कर बच्चे की पिटाई करते थे। बच्चे ने यह भी बताया कि सचिन मालवीय और कौशल्या घर में ही शराब और गांजा पीते थे। उसी दौरान बच्चे से काम का बोलते, काम नहीं करने पर बच्चे को गंदी-गंदी गालियां देते और पिटाई करते।
बच्चे को नहीं पता वास्तविक माता-पिता का नाम...
बच्चे को दो-तीन साल पहले नरसिंहगढ़ लाया गया था। उस समय बच्चे की उम्र बहुत कम थी। ऐसे में इस समय बच्चे को नहीं पता है कि उसके वास्तविक माता पिता कौन हैं। यह जरूर पता है कि बच्चा भोपाल का रहने वाला है और वह यह बता भी रहा कि भोपाल से मुझे मेरी मम्मी और एक व्यक्ति द्वारा लाया गया था और नरसिंहगढ़ के सचिन और कौशल्या को दे दिया गया, तब से ही बच्चा सचिन के घर पर रह रहा था।
अहिंसा और चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा की जा रही काउंसलिंग....
टीम के द्वारा बालक को रेस्क्यू करने के बाद अपने संरक्षण में लेते हुए राजगढ़ लाया गया। यहां पर बालक की काउंसलिंग की जा रही है, जिसमें तमाम प्रकार की जानकारी सामने आ रही है। इस पूरे मामले में और भी कुछ लोग आरोपी के रूप में इस केस में सामने आ सकते हैं, जिस प्रकार से बच्चा बता रहा कि मेरी मां मुझे एक व्यक्ति और दो लड़कियों के साथ नरसिंहगढ़ लेकर आई थी, जिसमें रतन नाम का व्यक्ति भी शामिल है।
बालश्रम, अपहरण और किशोर न्याय अधिनियम सहित बंधुआ मजदूरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई...
इस पूरे मामले में अहिंसा चाइल्ड लाइन की काउंसलर रजनी प्रजापति द्वारा बालक की काउंसलिंग की जा रही है, जिसमें स्पष्ट हो रहा है कि बच्चे का अपरहण, खरीद-फरोख्त सहित बाल बंधुआ मजदूरी बच्चे के साथ की गई है। अभी और भी काउंसलिंग की जाएगी, जिसके बाद नरसिंहगढ़ थाने में मामले में समस्त आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। मामले में जब टीम बालक को रेस्क्यू करने पहुंची तो उस समय आरोपी सचिन मालवीय और उसकी प्रेमिका कौशल्या घर से भाग गए थे। लेकिन पुलिस ने दोनों को ही नरसिंहगढ़ से ही गिरफ्तार कर लिया है।
मामले को लेकर नरसिंहगढ़ थाने में बंधुआ मजदूरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम 1976 धारा- 16, 17, 18, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख संरक्षण) अधिनियम 2015 धारा 75, 79, भादवि की धारा-370, बालश्रम एवं कुमार (प्रतिशत एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा-3 के तहत मामला भी पंजीबद्ध किया गया है।