मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में लगातार तेज बारिश से जगह-जगह जल भराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई जिससे लोगों की आफत बढ़ गई है। इधर मौसम विभाग में अगले चार दिन तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की जनता को सतर्क रहने के अपील की है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 18 जिलों में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश रायसेन में 3.3 इंच हुई। यहां नदी-नालों में बाढ़ आ गई। मुख्य बाजार में 3 फीट पानी भर गया। बेगमगंज में एक स्कूली ऑटो बह गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से की अपील
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फिलहाल भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, कटनी, छतरपुर, सतना में आज भारी बारिश का अनुमान है हम सभी सतर्क हैं। अगले 4 दिनों तक पूरे प्रदेश में बाढ़ की आशंका है। सागर और कटनी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं। सीएम ने लोगों से सर्तक रहने की अपील की। मध्यप्रदेश में अब तक सामान्य 15.2 इंच बारिश हो चुकी है। यह एवरेज से 1% ज्यादा है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल संभाग में एवरेज से 3% ज्यादा पानी गिर चुका है जबकि पूर्वी हिस्से- रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में 1% कम बारिश हुई है। हालांकि, लगातार तेज बारिश होने से आंकड़ा बढ़ रहा है।
53 फीसदी भरा बरगी बांध, खोले जाएंगे गेट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बरगी बांध जलाशय 53 प्रतिशत तक भर चुका है। इसका जल स्तर अभी 416 मीटर है, जो अगले दो दिनों में दो मीटर बढ़ सकता है, ऐसी स्थिति में बरगी डैम के गेट खोले जाएंगे। डाउन स्ट्रीम के जिलों जैसे जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा और खरगोन को इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को आवश्यक सावधानी बरतने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
रायसेन सांची भीमबेटका, सीहोर, गुना, हरदा में बिजली के साथ बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशाउदयगिरि, भोपाल, राजगढ़, देवास, उत्तरी खंडवा में बिजली के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। ओंकारेश्वर, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, पांढुर्ना, दक्षिणी छिंदवाड़ा, शाजापुर, बालाघाट, भिंड, मैहर के साथ-साथ पचमढ़ी, खजुराहो, आगर, इंदौर, खरगोन महेश्वर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया में बिजली के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। रतनगढ़, निवाड़ी ओरछा, पन्ना, रीवा, मऊगंज, डिंडोरी, अनुपपुर अमरकंटक, उत्तरी छिंदवाड़ा, दक्षिणी खंडवा, सागर, दमोह, सतना, नीमच, मंदसौर, धार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, बड़वानी, बुरहानपुर, सईनोई, मंडला के साथ-साथ सीधी, सिंगरौली, शहडोल, जबलपुर, नरसिंहपुर, श्योपुरकलां में बिजली के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
प्रदेश के बांधों का जलस्तर
गांधी सागर बांध- 56 प्रतिशत
इंदिरा सागर बांध- 23 प्रतिशत
ओंकारेश्वर बांध- 44 प्रतिशत
राजघाट बांध- 30 प्रतिशत
चार दिन में प्रदेश में सामान्य वर्षा का कोटा पूरा
21 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश में पहुंचे कम दबाव के क्षेत्र के असर से प्रदेश के पूर्वी एवं उत्तरी क्षेत्र में झमाझम वर्षा का सिलसिला शुरू हुआ। यह चक्रवात आगे बढ़कर उत्तरी मध्य प्रदेश तक पहुंचा। उसके बाद 23 जुलाई को कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़कर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनकर झारखंड की तरफ चला गया, लेकिन इस अवधि में ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में भारी वर्षा हुई, जिसके चलते 24 जुलाई को मात्र चार दिन में मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा का कोटा पूरा हो गया।