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भोपाल में बारिश का कहर: सड़कें बनीं तालाब, घरों में घुसा पानी, बैरसिया मार्ग बंद, कई जगह जलभराव से हाहाकार

Mon, 10 Aug 2026 12:19 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश से 50 से ज्यादा इलाकों में जलभराव हो गया। बाणगंगा नदी उफनने से भोपाल-बैरसिया मार्ग बंद करना पड़ा। उड़िया बस्ती में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 3 हजार भोजन पैकेट बांटे गए। निगम ने 16 स्थानों पर पंप लगाकर कई इलाकों में दो घंटे के भीतर पानी निकाला। बारिश से केरवा में 3 फीट और कलियासोत-कोलार में करीब 1-1 फीट पानी बढ़ा।
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स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा ले ली। पिछले 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन में अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा है। भारी बारिश से पुराने शहर समेत 50 से अधिक इलाकों में जलभराव हो गया। कई सड़कों पर पानी भर गया, पेड़ गिरे और भोपाल-बैरसिया मार्ग पर बाणगंगा नदी का पानी पुल के ऊपर पहुंचने से रास्ता बंद करना पड़ा।बारिश के बीच नगर निगम का अमला करीब 24 घंटे से लगातार मैदान में रहा। निगम के मुताबिक, जलभराव वाले स्थानों पर डी-वाटरिंग पंप, जेसीबी, पोकलेन और कर्मचारियों की मदद से कई जगह दो घंटे के भीतर पानी की निकासी कराई गई। आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली शिकायतों के आधार पर 16 स्थानों पर डी-वाटरिंग पंप लगाए गए।
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उड़िया बस्ती में घरों में भरा पानी, लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
तेज बारिश के दौरान उड़िया बस्ती में पानी भर गया। निगम अमले ने करीब दो घंटे में पानी निकालने की कार्रवाई की। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और उनके लिए 3 हजार भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने खुद उड़िया बस्ती समेत कई जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जलभराव की स्थिति बनते ही तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
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इन इलाकों में भी जलभराव
बाणगंगा रोड, मीनाल कॉलोनी, नया बसेरा, अरेरा कॉलोनी ई-7, गणेश नगर, लक्ष्मी विहार, शिवनगर, चिकलोद रोड, महामाई का बाग, द्वारका नगर, रेल कोच फैक्ट्री, छोला कैंची, पुराना कबाड़खाना, भोपाल टॉकीज, भानपुर, खेजड़ा बरामद, बावड़िया कलां, मंदाकिनी परिसर, दानापानी रोड, कैलाश नगर, अयोध्या बायपास और विद्या नगर समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने की शिकायतें मिलीं। पुराने शहर के राजेंद्र नगर, निशातपुरा, करोंद और वसुंधरा कॉलोनी में भी जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। वसुंधरा कॉलोनी में करीब दो फीट तक पानी भरने से वाहन भी आधे डूब गए।


बाणगंगा उफनी, भोपाल-बैरसिया मार्ग बंद
ईंटखेड़ी के पास बाणगंगा नदी उफान पर आने से पुल के ऊपर पानी बहने लगा। एहतियात के तौर पर भोपाल-बैरसिया मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। प्रशासन और पुलिस की टीम ने लोगों को पुल पार नहीं करने की समझाइश दी।

मंत्री और निगम अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा
जलभराव वाले क्षेत्रों का मंत्री विश्वास सारंग ने निरीक्षण किया और अधिकारियों को तत्काल जल निकासी तथा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने लुंबिनी परिसर, अंबेडकर नगर और आराधना नगर का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, सफाई और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए।
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पेड़ गिरने से कई जगह यातायात प्रभावित
भारी बारिश के दौरान जहांगीराबाद पशु चिकित्सालय के पीछे, ईश्वर नगर, रॉयल मार्केट काला दरवाजा, अरेरा कॉलोनी, दानापानी रोड और वीआईपी रोड समेत कई जगह पेड़ गिरने की सूचना मिली। निगम के उद्यान विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाया। वीआईपी रोड पर खानूगांव चौराहे के पास पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। जेपी अस्पताल परिसर में भी पुराना पेड़ गिरा, हालांकि जनहानि की सूचना नहीं है।

बेसमेंट में बिजली मीटर तक पहुंचा पानी
कोलार रोड स्थित जानकी अपार्टमेंट के बेसमेंट में पानी भर गया। यहां बिजली के मीटर लगे होने से करंट फैलने का खतरा पैदा हो गया। निगम की दमकल की मदद से बेसमेंट से पानी निकालने की कार्रवाई की गई। जेल रोड स्थित नयापुरा श्मशान घाट के आसपास भी पानी भर गया। बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में करीब एक फीट तक पानी जमा होने से रहवासियों को परेशानी हुई।

डैमों में भी बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश से भोपाल के जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ी है। केरवा डैम में करीब 3 फीट, जबकि कलियासोत और कोलार डैम में करीब 1-1 फीट पानी बढ़ा। बारिश ने लंबे समय से कम बारिश की स्थिति से जूझ रहे शहर को राहत दी है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव ने मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।


स्कूलों की छुट्टी का आदेश देर से आया
अति भारी बारिश के बीच सोमवार को स्कूलों में अवकाश का आदेश सुबह करीब 8 बजे के बाद जारी हुआ। तब तक कई बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे। आदेश मिलने के बाद स्कूलों में छुट्टी कर दी गई, जबकि कुछ संस्थानों ने समय कम कर दिया। इससे सुबह स्कूल पहुंच चुके बच्चों और अभिभावकों को परेशानी हुई।

बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
भोपाल में एक बार फिर तेज बारिश के बाद जलभराव ने नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गईं, घरों में पानी घुस गया और प्रमुख मार्गों पर आवागमन तक रोकना पड़ा। लगातार बारिश जारी रहने पर शहर के कई और निचले इलाकों में हालात बिगड़ने की आशंका है।

 
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