फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केन-बेतवा परियोजना पर बढ़ा सियासी घमासान: राहुल गांधी करेंगे दौरा, पटवारी और कलेक्टर से बहस का ऑडियो वायरल

Wed, 13 May 2026 08:35 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

केन-बेतवा परियोजना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आदिवासियों और किसानों के शोषण का आरोप लगाया है। जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी जल्द प्रभावित परिवारों से मिल सकते हैं। छतरपुर दौरे के दौरान कलेक्टर से उनकी फोन पर हुई तीखी बहस का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति और गर्मा गई है।
विज्ञापन
जीतू पटवारी का पन्ना दौरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने परियोजना के नाम पर आदिवासी और ग्रामीण परिवारों के साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए केंद्र और राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को अब तक न उचित मुआवजा मिला और न ही सही पुनर्वास। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द परियोजना प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के निर्देश पर ही वे प्रभावित आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे हैं और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
विज्ञापन


पन्ना और छतरपुर दौरे से बढ़ी हलचल
जीतू पटवारी ने हाल ही में पन्ना और छतरपुर जिले का दौरा कर आंदोलनरत परिवारों और किसानों से मुलाकात की। उन्होंने पन्ना में जेल में बंद किसानों और आंदोलनकारियों के मुद्दे पर प्रशासन से चर्चा की। वहीं छतरपुर में प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन ने प्रभावितों से मिलने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद विरोध बढ़ गया।

कलेक्टर से फोन पर तीखी बातचीत वायरल
छतरपुर दौरे के दौरान जीतू पटवारी और कलेक्टर पार्थ जैसवाल के बीच फोन पर हुई तीखी बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बातचीत में पटवारी प्रशासनिक व्यवहार पर नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि यह व्यवहार वे जिंदगीभर याद रखेंगे। इस घटना के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बता रही है, जबकि भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रहे हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-नीट पेपर लीक मामले में भोपाल में उबाल, छात्रों ने खोला मोर्चा, परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मुआवजा मूल्यहीन हो चुका
पटवारी ने आरोप लगाया कि परियोजना प्रभावित परिवारों को घर, जमीन और पेड़-पौधों का उचित मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि वर्षों पहले तय की गई मुआवजा राशि आज के समय में बेहद कम हो चुकी है। कई परिवारों को पुनर्वास के अधिकार से भी बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार गरीबी और असुरक्षा में जीवन जीने को मजबूर हैं और सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-भोपाल रीजन पिछड़ा, राष्ट्रीय औसत से करीब 6% कम रहा रिजल्ट, 79.43% छात्र पास

नागार्जुन कंपनी पर भी सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने परियोजना का ठेका लेने वाली नागार्जुन कंपनी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यही कंपनी भोपाल में भाजपा का प्रदेश कार्यालय भी बना रही है। पटवारी ने पूरे मामले को भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी मंच पर दस्तावेजों के साथ बहस के लिए तैयार है।



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें