कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में देशभर के डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर भी इस मामले को लेकर हड़ताल पर हैं। शनिवार को निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डॉक्टर भी काम बंद कर हड़ताल करने उतर गए। निजी अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों ने 1 घंटे का काम बंद रखा बाकी समय ओपीडी जारी रही, लेकिन जूनियरों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गई उनकी मलहम पट्टी तक नहीं हुई। कई मरीजों को छुट्टी दे दिया गया है। कई मरीज जांच को लेकर परेशान होते रहे। इधर इसे लेकर कुछ लोगों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मसले पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और जूनियर डॉक्टर्स को हड़ताल खत्म करने के लिए कहा। अदालत की ओर से कहा गया कि डॉक्टर 20 अगस्त तक अपनी हड़ताल वापस लें।
चिकित्सक बोले हाईकोर्ट के रुख को लेकर हम आश्चर्यचकित
मध्यप्रदेश के शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के राकेश मालवीय ने कहा कि हम चाहते हैं कि देश में समान कानून बने। हाईकोर्ट के रुख को लेकर हम आश्चर्यचकित हैं। देश में आंदोलन चल रहा हो, जहां इतनी बड़ी घटना हो गई है। दूसरी ओर हाईकोर्ट कहे कि आंदोलन का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट क्या चाहता है, हम पिट जाएं, मर जाएं। हमारे अधिकार नहीं हैं। मेरा कहना है कि हमें अपनी सुरक्षा और साथियों की सुरक्षा के लिए आंदोलन का अधिकार है।
आंदोलन में सिर्फ डॉक्टर ही क्यों
डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि आंदोलन कब तक और कहां तक जाएगा, अभी कुछ भी नहीं जा सकता। आंदोलन में सिर्फ डॉक्टर ही क्यों हैं। खिलाड़ी, सेलिब्रिटी, वगैरह कहां हैं, जो निर्भया के समय में सड़कों पर थे। यह जो डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट है, यह मध्य प्रदेश में लागू नहीं हुआ है। हम चाहते हें कि देश में समान कानून बने। वहीं, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लेकर हम आश्चर्यचकित हैं। देश में आंदोलन चल रहा हो, जहां इतनी बड़ी घटना हो गई है। दूसरी ओर हाईकोर्ट कहे कि आंदोलन का अधिकार नहीं है, जबकि हमने इमरजेंसी सेवाएं बंद नहीं की हैं। ऐसे में हाईकोर्ट क्या चाहता है, हम पिट जाएं, मर जाएं। हमारे अधिकार नहीं हैं। मेरा कहना है कि हमें अपनी सुरक्षा और साथियों की सुरक्षा के लिए आंदोलन का अधिकार है। ऐसे में हाईकोर्ट हमारी बात को समझे।
एम्स में पांच दिन से हड़ताल जारी, प्रदर्शन रैली निकाली
भोपाल में एम्स के रेसिडेंट डॉक्टर्स पिछले पांच दिन से हड़ताल पर हैं। शनिवार को भी तमाम रेसिडेंट डॉक्टर एम्स के गेट पर एकत्र हुए और कोलकाता में हुई घटना की निष्पक्ष जांच और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान डॉक्टरों ने एम्स परिसर में रैली भी निकाली।
एम्स भोपाल के डायरेक्टर की ने हड़ताल खत्म करने की अपील
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दिल्ली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ बैठक हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टर्स से हड़ताल खत्म करने को कहा है। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, 'डॉक्टरों की मांग को लेकर कमेटी बनाई जाएगी। सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों से भी सुझाव मांगे जाएंगे। इस बैठक के बाद एम्स भोपाल के डायरेक्ट प्रो. डॉ. अजय सिंह ने सभी रेजिडेंट डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सभी मांगों पर विचार किया गया है।