महिला पंचों की जगह शपथ लेते परिजन।
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मध्यप्रदेश के सागर जिले में नवनिर्वाचित महिला पंचों की जगह परिजनों के शपथ लेने के मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस घटना को "संविधान का मजाक" करार दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने एक ट्वीट में लिखा कि मध्यप्रदेश सरकार को गैर-निर्वाचित व्यक्तियों द्वारा ली गई शपथ को रद्द करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला निर्वाचित प्रतिनिधि शपथ लें और पंचायतों के सदस्यों के रूप में कार्य करें।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पतियों को पंचायत सदस्य के रूप में शपथ लेते देखना एक त्रासदी और एक मजाक दोनों है। अविश्वसनीय है कि स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में, संविधान और कानूनों का ऐसा मजाक हो सकता है, उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का क्या मतलब था जब उसने कहा कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक एडवायजरी जारी करेगी?
बता दें, कुछ महिलाओं के पिता और पति समेत पुरुष रिश्तेदारों ने गुरुवार को सागर और दमोह जिले के कुछ स्थानों पर शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले का खुलासा हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सागर जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने पिछले शुक्रवार को एक आदेश जारी कर जयसीनगर ग्राम पंचायत के सचिव आशाराम साहू को पति, बहनोई और पिता को पद की शपथ दिलाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं पंचायत सचिव साहू ने कहा कि जो महिलाएं हाल ही में पंचायत कार्यालय के लिए चुनी गई हैं बार-बार निर्देश देने के बावजूद शपथ समारोह में शामिल होने नहीं आई, जिसके चलते परिवार के पुरुष सदस्यों को शपथ दिलाई गई।