असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख
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भोपाल में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की सभा आज शाम 7.30 बजे होने जा रही है। सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा हैं। इसे उनकी पार्टी के विस्तार के रूप में देखा जा रहा हैं। इस कार्यक्रम पर मध्यप्रदेश में सियासत भी तेज हो गई हैं। इसका मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी विरोध कर रही हैं। कमेटी ने प्रशासन को ज्ञापन देकर इसकी अनुमति पर पुनर्विचार करने और कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है। कमेटी का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान सेंट्रल लाइब्रेरी और आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम से भीड़, यातायात और कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
ज्ञापन में कमेटी ने ओवैसी के पूर्व सार्वजनिक भाषणों का हवाला देते हुए आशंका जताई है कि किसी विवादित या आपत्तिजनक बयान से सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है। कमेटी ने प्रशासन से कहा है कि यदि कार्यक्रम से शांति भंग होने की आशंका हो तो अनुमति वापस ली जाए या कानून के अनुसार आवश्यक प्रतिबंध लगाए जाएं। कमेटी ने अपने ज्ञापन में पूर्व विधायक टी. राजा सिंह के कार्यक्रमों का भी उल्लेख करते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था के आधार पर सभी के लिए समान प्रशासनिक मापदंड अपनाए जाने चाहिए। उधर, ओवैसी की सभा को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज है। जानकारी के अनुसार ओवैसी भोपाल में यूसीसी और मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर सभा को संबोधित करेंगे।
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पीरजादा तौकीर निजामी ने पूछे ओवैसी से सवाल
मध्य प्रदेश के पूर्व एआईएमआईएम नेता पीरजादा तौकीर निजामी ने असदुद्दीन ओवैसी से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी को मंच से स्पष्ट करना होगा कि वे मुस्लिमों की बेहतरी के लिए मध्य प्रदेश आए हैं या इसके पीछे कोई और वजह है। निजामी ने सवाल किया कि क्या आईएमआईएम आने वाले समय में भोपाल के दो मुस्लिम विधायकों के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारेगी या नहीं? उन्होंने कहा कि भोपाल के मुसलमान यह जानना चाहते हैं। निजामी ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भोले-भाले मुसलमानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि राज्य में विधानसभा की 119 सीटें हैं, फिर एआईएमआईएम केवल नौ सीटों पर ही चुनाव क्यों लड़ती है? उन्होंने यह भी पूछा कि टी. राजा सिंह के खिलाफ एआईएमआईएम अपना प्रत्याशी क्यों नहीं उतारती?
एमपी में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विधानसभा से पारित यूसीसी विधेयक को मंजूरी दे दी है। अब विधि एवं विधायी विभाग इसे मुख्य सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजेगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही विधेयक के प्रावधान प्रदेश में लागू हो सकेंगे। इसके बाद विधि एवं विधायी विभाग इसे राजपत्र में अधिसूचित करेगा। यूसीसी में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को लेकर समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। बहुविवाह पर रोक और निकाह हलाला को प्रतिबंधित करने का भी प्रावधान है।
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21 जुलाई को विधानसभा से हुआ था पारित
मध्य प्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई को यूसीसी विधेयक पारित किया था। विधेयक को इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया। राज्यपाल ने विधेयक पर विधि एवं विधायी शाखा से कानूनी राय मांगी थी। कानूनी अभिमत मिलने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्यपाल से मुलाकात के बाद विधेयक को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
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यह है प्रमुख प्रावधान
यूसीसी के तहत प्रदेश में एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी। विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। तलाक के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और महिला-पुरुष को उत्तराधिकार में समान अधिकार देने का प्रावधान है। लिव-इन संबंधों का पंजीकरण भी अनिवार्य होगा। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।