मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्रों की लंबित परीक्षाओं, परीक्षा परिणाम और छात्रवृत्ति के मुद्दे को लेकर एनएसओ छात्र संगठन ने शनिवार से भोपाल स्थित नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संगठन का आरोप है कि 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में जिन नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश दिया गया, बाद में उनमें से कई पर फर्जीवाड़े के आरोप लगे और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। इसका खामियाजा अब छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
छह-सात साल बाद भी अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं, पुराने परिणाम भी अटके
संगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर ने कहा कि सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई पूरी होने के बावजूद उनकी डिग्री अधर में लटकी है। कई छात्रों की अंतिम वर्ष की परीक्षा तक नहीं हो पाई है, जबकि पुराने वर्षों के परीक्षा परिणाम भी लंबित हैं। उनका कहना है कि छात्र लगातार अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
छह साल से छात्रवृत्ति भी अटकी, एससी-एसटी और ओबीसी छात्र परेशान
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि नर्सिंग पाठ्यक्रम के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को पिछले करीब छह वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है। संगठन ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी छात्रवृत्ति के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई है।
फर्जी निरीक्षण करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों ने नर्सिंग महाविद्यालयों का कथित फर्जी निरीक्षण कर मान्यता दी, उनके खिलाफ अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। संगठन का दावा है कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू नहीं किया गया।
यह भी पढ़ें-टैक्सी किराए पर अब सीधी लड़ाई: चालक संगठनों ने 15 अगस्त से आंदोलन का किया ऐलान, सीएम हाउस घेराव की चेतावनी
नर्सिंग कॉलेजों को मेडिकल यूनिवर्सिटी से जोड़ने की मांग
संगठन ने नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालयों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से हटाकर दोबारा मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर से जोड़ने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम चिकित्सा शिक्षा से जुड़े हैं और मेडिकल विश्वविद्यालय से डिग्री मिलने पर छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बेहतर होंगे।
यह भी पढ़ें-भोपाल के गली-मोहल्ले में होगी प्रॉपर्टी की जांच: 21 जोन में उतरेंगी टीम, घर में कारोबार मिला तो मौके पर नोटिस
रिजल्ट घोषित करो, परीक्षा कराओ, वरना विधानसभा घेरेंगे
आनंद पटेल और पप्पू कुमार ने चेतावनी दी कि सभी लंबित परिणाम तत्काल घोषित कर आगामी परीक्षाएं कराई जाएं और छात्रों की डिग्री में और देरी न की जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो धरने के साथ भूख हड़ताल शुरू की जाएगी और विधानसभा का घेराव किया जाएगा। धरने में सुरेश, संदीप, अमित, रेखा, छाया समेत कई दर्जन छात्र मौजूद रहे।