वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में 25 सितंबर को मध्यभारत प्रांत में एक साथ 610 स्थानों पर सामूहिक गायन होगा। नमामि भारतम् अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में हजारों विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक सुबह 11 बजे एक साथ राष्ट्रगीत का गायन करेंगे। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम की जानकारी प्रांत संयोजक डॉ. शिरोमणि दुबे और सह-संयोजक दीपक चंदेवा ने दी। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को प्रांत के विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर एक ही समय में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। कार्यक्रम केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। भोपाल के शौर्य स्मारक, ग्वालियर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की समाधि और शिवपुरी में तात्या टोपे समाधि स्थल सहित अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के केंद्रों पर भी विशेष आयोजन होंगे। यहां सैकड़ों नागरिक, पूर्व विद्यार्थी और प्रबुद्धजन शामिल होकर समवेत स्वर में राष्ट्रगीत गाएंगे। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, राष्ट्रीय महत्व और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़ना है। इसके लिए गीत की ऐतिहासिक यात्रा पर परिचर्चा और विशेष व्याख्यान के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका पर प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। आयोजकों के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ केवल एक रचना नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण, त्याग और संघर्ष का प्रतीक है।