मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जहां कई जिलों में बारिश का दौर चल रहा है। वहीं कई जिलों से मानसून की विदाई भी जारी है। शुक्रवार को 7 जिले ग्वालियर, गुना, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, दतिया और आगर-मालवा से भी मानसून की विदाई हुई। वहीं, उज्जैन, राजगढ़ और अशोकनगर जिले के कुछ क्षेत्रों से भी मानसून के लौटने की अधिकृत घोषणा मौसम विभाग ने कर दी। वहीं छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया, बालाघाट, नर्मदापुरम के पचमढ़ी में बारिश हुई। पचमढ़ी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया।
अब तक 11 जिलों में मानसून की वापसी
इससे पहले नीमच, श्योपुर, भिंड और मुरैना से मानसून पूरी तरह से लौट चुका है। इन्हें मिलाकर एमपी से अब तक 11 जिलों में मानसून पूरी तरह से और 3 जिलों से आंशिक रूप से विदा हो गया है। हालांकि, मध्यप्रदेश से विदाई ले रहा मानसून जाते-जाते भी जमकर बरसेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इससे पहले कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
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अब तक औसत 44.1 इंच बारिश दर्ज
प्रदेश में अब तक औसत 44.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 36.9 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.2 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 118 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। प्रदेश से भी मानसून की विदाई शुरू हो गई है। 4 जिले- नीमच, भिंड, मुरैना और श्योपुर से सबसे पहले मानसून विदा हुआ है। यहां 35 से 115 प्रतिशत तक बारिश ज्यादा हुई है। चंबल संभाग के श्योपुर में सामान्य 26.2 इंच के मुकाबले 56.6 इंच पानी गिर गया, जो 115 प्रतिशत अधिक है। भिंड में 32.4 इंच, मुरैना में 37 इंच और नीमच में 42.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से ज्यादा है।
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