मंगलवार को 10 से ज्यादा जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर रहा। उमरिया में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। ग्वालियर, सीधी में आधा इंच बारिश दर्ज हुई। दमोह, मैहर, डिंडौरी, सीधी, सिवनी, इंदौर, पचमढ़ी, बालाघाट, सागर, रीवा, मंडला में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश में मंगलवार को 10 से ज्यादा जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर रहा। उमरिया में 9 घंटे में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरा। ग्वालियर, सीधी में आधा इंच बारिश दर्ज हुई। इसके साथ ही दमोह, मैहर, डिंडौरी, सिवनी, इंदौर, पचमढ़ी, बालाघाट, सागर, रीवा, मंडला में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त से बंगाल की खाड़ी से लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। जिसका असर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी दिखाई देगा।
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कल कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार बुधवार को नरसिंहपुर,,छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, सीधी, मऊगंज और रीवा में भारी बारिश का एलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अनुमान है।
कल से एक सिस्टम और हो रहा एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि एक ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश हो रही है। 13 अगस्त से एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव हो रहा है। इस वजह से 15 अगस्त से लगातार तेज बारिश होने का अनुमान है।
अब तक औसत 29.5 इंच बारिश
प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 22.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।