मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं जिन 15 जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, उनमें बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई से प्रदेश में नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
भोपाल-इंदौर समेत अधिकांश जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम केंद्र ने भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी सहित 50 जिलों में बारिश और 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
कहीं बारिश से राहत, कहीं गर्मी बरकरार
सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास समेत कई जिलों में बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक, शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके विपरीत, उत्तर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी बनी रही। खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में 40.5 और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रहा।
यह भी पढ़ें-रेलवे स्टेशन पर ही रोके गए वेटिंग शिक्षक, पुलिस ने लिया हिरासत में,पद वृद्धि और नियुक्ति की मांग
15 जिलों तक सीमित है मानसून
प्रदेश में 24 जून को मानसून की एंट्री हुई थी और अब तक 15 जिलों अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी तक ही इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई है। इसके बाद मानसून की प्रगति रुक गई, जिससे ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में गर्मी का असर बढ़ा हुआ है।
यह भी पढ़ें-500 करोड़ जमीन विवाद पर डैमेज कंट्रोल: दिग्विजय बोले- जीतू हमारे नेता, जानकारी नहीं थी इसलिए तथ्य स्पष्ट किए
बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे
प्रदेश में पिछले छह दिनों से लगातार कहीं न कहीं बारिश हो रही है, लेकिन कुल वर्षा अभी भी सामान्य से कम है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 75.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। यानी अब तक करीब 39 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, बुरहानपुर, मंदसौर और नीमच जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।