ईरान के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पूर्व दिशा में बढ़कर मध्य पाकिस्तान के ऊपर आ गया है, इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। एमपी के कई इलाके में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं तेज व हल्की बारिश दर्ज की गई है।
28 को बारिश का अनुमान
नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, डिंडौरी, कटनी मंडल, दमोह और छतरपुर जिले में 28 नवंबर को बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर बारिश
विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, शाहजहांपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और टीकमगढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, राजगढ़, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, पन्ना और निवाड़ी जिले में भी बारिश हो सकती है।
घना या मध्यम कोहरा के अनुमान
सीहोर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरकला और भोपाल जिले में मध्यम या घना कोहरा पड़ने का अनुमान है।
राजधानी में रात डेढ़ बजे से बारिश
भोपाल में रविवार-सोमवार रात करीब डेढ़ बजे से ही रुक-रुक कर बारिश जारी रही। दिन में भी बादल छाए रहे और धीमी बारिश का दौर जारी रहा। इससे लोगों का काम भी प्रभावित हुआ। भोपाल के अरेरा हिल्स, नबीबाग और बेरसिया जैसे एरिया में ज्यादा अधिक वर्षा देखने को मिली। इसके साथ ही तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। भोपाल में अधिकतम तापमान 24 और मिनिमम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे भी इसी तरह के मौसम बने रहने का अनुमान है।
वहीं, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, मौसम केंद्र भोपाल वेद प्रकाश सिंह ने बताया, सिस्टम कमजोर पड़ने पर
कल से बारिश की गतिविधियां कम होंगी। जो दो दिन बाद फिर से शुरू होंगी। तापमान बहुत ज्यादा गिरने का अनुमान नहीं है। बादल छाए रहने और धूप न निकलने से हल्की ठंडक का एहसास होगा।