इंदौर और भोपाल समेत कुछ जिलों में दिनभर आसमान में बादलों का डेरा रहा। शाम को भोपाल में जबरदस्त बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। वहीं, इंदौर में भी देर शाम को तेज बारिश हुई। इसी तरह की सूचनाएं सतना एवं अन्य जिलों से भी मिली। आंधी-तूफान के बीच बूंदाबांदी भी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दो अलग-अलग लोकल सिस्टम बने हुए हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है। इस वजह से मध्यप्रदेश के ज्यादातर शहरों में बादलों का डेरा रहा। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। भोपाल में शाम को 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली और बारिश होने के साथ ही बेर के आकार के ओले भी गिरे।
ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। शनिवार शाम साढ़े पांच बजे तक भोपाल में 4.4, मलाजखंड में 0.6, इंदौर में 0.3, गुना में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई। ग्वालियर, सतना और मंडला समेत कुछ अन्य जिलों में बूंदाबांदी दर्ज हुई। रीवा, शहडोल संभाग के जिलों को छोड़कर लगभग सभी संभागों में इसी तरह की स्थिति रही।
तापमान में भी गिरावट...
आसमान में बादलों का डेरा रहने का असर पारे में गिरावट के तौर पर देखने को मिला। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-मध्य महाराष्ट्र से केरल तक एक टर्फ लाइन बनी है। इस वजह से भी मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। रविवार को भी भोपाल-नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में गरज–चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
दिव्य दरबार एक दिन आगे बढ़ा
बारिश ने दिव्य दरबार में भी खलल डाल दिया। बागेश्वर धाम सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी गई। अपनी पोस्ट में धाम द्वारा कहा गया कि आज कथा के पश्चात अत्यधिक बारिश, आंधी और तूफान आने के कारण समूची व्यवस्था चरमरा गई है। रविवार को दिव्य दरबार में लाखों लोग पहुंचेंगे, इसे देखते देखते हुए पूज्य सरकार ने सभी से अनुरोध किया है रविवार को लगने वाला दिव्य दरबार अब परसों यानी सोमवार को लगेगा। इस दिन आपको 'दिव्य दर्शन' और 'दिव्य दरबार' दोनों का लाभ मिलेगा।