मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और नई परियोजनाओं को गति देने के लिए बुधवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव, ऐतिहासिक धरोहर और आध्यात्मिक पर्यटन के कारण मध्य प्रदेश असीम संभावनाओं वाला राज्य है। सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए निवेशकों को सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इस दौरान पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े कई एमओयू हुए। निवेशकों को विभिन्न परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड भी दिए गए।
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इन कंपनियों के प्रस्ताव मिले
सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 848.40 करोड़ रुपये के निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित करने का एमओयू किया। परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की बात कही गई है। हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्यजीव सर्किटों में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई। रेनी ग्रुप ने मांडू, खजुराहो और सीधी सहित विभिन्न परियोजनाओं में 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी दी। सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई में 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्यजीव रिसॉर्ट समेत प्रदेश में 300 करोड़ रुपये के निवेश की रूपरेखा रखी। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की परियोजना को 2026 के अंत तक पूरा करने और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया। रामको ग्रुप ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय धुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने की योजना रखी। उज्जैन, मांडू और अन्य पर्यटन स्थलों पर भी होटल व रिसॉर्ट परियोजनाओं में निवेश प्रस्ताव सामने आए।
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ओरछा संरक्षण से पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण तक
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने का एमओयू हुआ। द्रोणह के साथ पर्यावरण, लैंडस्केप और संरक्षण योजना पर सहमति बनी। वहीं आईआईटीटीएम ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। पहले चरण में भोपाल के 100 वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, एमपीएसटीडीसी और जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। फिल्म पर्यटन पर टीवीएफ के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने मध्य प्रदेश को फिल्म हब बनाने पर चर्चा की। अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार और शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म पर सुझाव दिए।
कार्यक्रम में ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन, सागर, सीहोर, उज्जैन और पन्ना सहित कई जिलों में रिसॉर्ट, होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल और इको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्ग पर वे-साइड एमिनिटीज के लिए भी अनुबंध पत्र जारी किए गए। इसके अलावा एमआईसीई, एडवेंचर टूरिज्म, पर्यटन हितधारकों के कौशल विकास और तकनीकी नवाचार पर भी चर्चा हुई। एक्सप्लर्जर की ओर से पर्यटन स्थलों पर एआई आधारित सहायक तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भूमि, अधोसंरचना और जरूरी अनुमतियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी। इससे पर्यटन परियोजनाओं के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।