वीरेंद्र गोयल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मंत्री राजेंद्र शुक्ला के साथ
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश अजब है, सबसे गजब है। यहां सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए एक आदेश सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इस आदेश के आधार पर एक नेता को सिंगरौली विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बताया गया। इसके बाद नेता ने सभी से बधाईयां लेना शुरू कर दिया। नेता के समर्थकों ने भी खुशियां मना ली। पर अब सरकार ने इस आदेश को ही फर्जी बता दिया है।
दरअसल भाजपा नेता वीरेन्द्र गोयल को फर्जी नियुक्ति आदेश के आधार पर सिंगरौली विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बताया गया। इनको छह दिन तक सत्ता और संगठन के नेता न सिर्फ बधाइयां देते रहे, बल्कि मिठाई भी खिलाते रहे। समर्थकों ने उन्हें बधाइयां तो दी हीं साथ ही उनके नाम के पोस्टर भी लगा दिए। उनकी कई नेताओं से मुलाकातें भी होने लगीं। खास बात तो यह है कि सत्ता और संगठन के नेताओं को ही जानकारी नहीं लगी, वह गोयल को मिठाई खिलाते रहे। लेकिन बाद में सामने आया कि जिस आदेश के आधार पर पूरा घटनाक्रम चला, वह फर्जी है।
ये भी पढ़ें-
MP: भोपाल के 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज मामले में सस्पेंड इंजीनियर्स बहाल, मंत्री ने नोटशीट पर लिखा-बहाल कर दो
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष कई निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्त पदाधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया था। हालांकि उस दौरान जारी सूची में सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नाम शामिल नहीं किया गया। इसी कारण यहां पुरानी नियुक्तियां तकनीकी रूप से समाप्त नहीं मानी गईं और प्रशासनिक स्थिति अस्पष्ट बनी रही। इसी के बीच अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। एक कथित नियुक्ति पत्र वायरल हो गया। मामला बढ़ने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई तो दस्तावेज में कई त्रुटियां सामने आईं। पत्र का प्रारूप सामान्य सरकारी आदेशों से अलग बताया गया है। साथ ही जिस अधिकारी के हस्ताक्षर दर्शाए गए, उस नाम का कोई संबंधित अधिकारी विभाग में पदस्थ ही नहीं है।
ये भी पढ़ें-
MP: NCRB रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, हिरासत से आरोपी फरार होने में मध्य प्रदेश देश में अव्वल
इस घटनाक्रम के बाद मंत्रालय स्तर पर हलचल बढ़ गई है। अब संबंधित विभाग पुराने बोर्ड को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और आगे की प्रक्रिया तय करने में जुटा है। बताया जा रहा है कि पहले पूर्व अध्यक्ष की नियुक्ति समाप्त करने संबंधी वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी, उसके बाद ही नई नियुक्ति पर फैसला संभव होगा। नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे ने स्पष्ट किया है कि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के संबंध में उनके विभाग की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।