मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आयोजित चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट और एक्सपो 2024 में मध्य प्रदेश की क्लीन और ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2012 में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 500 मेगावॉट से कम थी, जो अब 21 प्रतिशत योगदान के साथ 14 गुना से अधिक हो चुकी है। डॉ. यादव ने रीवा सौर परियोजना की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसे विश्वभर में आदर्श परियोजना के रूप में पहचाना गया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इसे केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में न्यूनतम टैरिफ 2.14 रुपये प्रति यूनिट है, जो देश में सबसे कम है।
अगले साल तक सभी सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 2025 तक प्रदेश के सभी सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे। ओंकारेश्वर में 600 मेगावॉट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजना विकसित की जा रही है। प्रदेश में 7,500 मेगावॉट सौर ऊर्जा और 3,000 मेगावॉट पवन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। नवीकरणीय ऊर्जा के प्रोत्साहन के लिए नर्मदापुरम में 464.65 करोड़ रुपये की लागत से एक मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जा रहा है, जहां भूमि, विद्युत और जल दरों पर विशेष छूट दी जा रही है।
गुजरात, आंध्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोआ के मुख्यमंत्री, जर्मनीए, डेनमार्क के मंत्री हुए शामिल
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गोआ के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक सहित कई राज्यों के ऊर्जा मंत्री उपस्थित थे। साथ ही जर्मनी के इकॉनोमिक कॉर्पोरेट मिनिस्टर, डेनमार्क के इंडस्ट्री बिजनेस मिनिस्टर सहित अनेक देशों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।