दस महीने इंतजार के बाद आखिरकार पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपनी टीम की घोषणा एक दिन पहले कर दी है। कार्यकारिणी में सीमित लोगों को जगह दी गई है। 177 लोगों की टीम में सभी वर्गों को साधने की कोशिश की गई है युवा, महिला, क्षेत्र और जातिगत समीकरण का भी ध्यान रखा गया है। कमलनाथ के कार्यकारिणी से यह काफी छोटी टीम है कमलनाथ के टीम में करीब 700 लोगों को शामिल किया गया था। पटवारी की कार्यकारिणी ज्यादा बड़ी नहीं होने से कई नेताओं को जगह नहीं मिली है। अब विरोध शुरू हो गया हैं। इधर भारतीय जनता पार्टी के नेता कांग्रेस नेताओं के विरोध पर चुटकी लेते नजर आ रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है।
अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपनों को दे
कार्यकारणी में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रवि सक्सेना ने इशारों-इशारों में जीतू पटवारी पर हमला बोला है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि एक पुरानी कहावत है, जो आज चरितार्थ हो गई “अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपनों को दे, जिन्हें जनता ने पराजित किया वही बने भाग्य विधाता।
पटवारी बोले- जो बेस्ट हो सकता था, वो मैंने किया
प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि हमने कार्यकारिणी में जातिगत, क्षेत्रीय और वरिष्ठता को ध्यान रखा है। नाराज नेताओं को लेकर कहा कि जो बेस्ट हो सकता था, वो मैंने किया है। जो पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं उनको आगे एडजस्ट किया जाएगा। युवा और वरिष्ठ दोनों को कार्यकारिणी में बैलेंस किया गया है। हमने सबको एडजस्ट करते हुए कार्यकारिणी में शामिल किया है। पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ के कार्यकारिणी में शामिल नहीं होने पर जीतू पटवारी ने कहा कि नकुल नाथ पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में है, वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद टंडन के इस्तीफे के सवाल पर जीतू ने चुप्पी साध ली।
वीडी शर्मा बोले- जनता ने कांग्रेस को नकारा
कांग्रेस की कार्यकारिणी को लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि जनता ने उसे नकार दिया है। राहुल गांधी को भी जनता नकार चुकी है। हरियाणा में जो कांग्रेस की जलेबी बनी है, वहीं कांग्रेस उलझ गई है। यही हाल मध्यप्रदेश में कांग्रेस का है। मध्य प्रदेश 2003 में कांग्रेस के शासन में बीमारू राज्य था। जब कमलनाथ आए तो उन्होंने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। कांग्रेस की यही फेहरिस्त है, वे ये सब काम करती है। बीजेपी बूथ पर अपना काम कर रही है। मजबूती के साथ और हम आगे बढ़ रहे हैं। कांग्रेस क्या कर रही है ये कांग्रेस के लोग बताएंगे।
कमलनाथ की टीम से आधी से कम है जीतू की टीम
जीतू पटवारी की टीम में कुल 177 सदस्य शामिल किए गए हैं। यह टीम पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ की टीम से आधी से भी कम है। कमल नाथ की टीम में 700 से अधिक नेताओं को रखा गया था। जीतू पटवारी के टीम में 17 उपाध्यक्ष और 71 महासचिव बनाए गए हैं जबकि कार्यकारिणी सदस्यों की संख्या 16 है। वहीं स्थाई आमंत्रित सदस्यों की संख्या 33 और विशेष आमंत्रित सदस्य 40 हैं। कार्यकारिणी में ज्यादातर पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और वर्तमान विधायकों को पदाधिकारी बनाया गया है। ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया है जो विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ने कांग्रेस में शामिल हुए थे।
डैमेज कंट्रोल में जुटे पटवारी बोले- नए नाम जोड़ेंगे
पार्टी के दिग्गज नेताओं को लिस्ट में जगह नहीं दी जाने के चलते कई बड़े नेता नाराज है। जिसको देखते हुए पार्टी लिस्ट में नए नाम जोड़ने जा रही है। इस बात की जानकारी खुद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दी। पटवारी ने कहा कि कई नेताओं को प्रदेश सचिव बनाया जाएगा। अनुशासन समिति ओर सलाहकार समिति में शामिल होंगे वरिष्ठ नेता।
ग्वालियर-चंबल के नेता ज्यादा नाराज
कांग्रेस कई बड़े नेता नाराज है सबसे ज्यादा नाराजगी ग्वालियर,चंबल के नेताओं में देखने को मिल रही है। सिकरवार परिवार के किसी भी सदस्य को प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई। जिसकी वजह से विधायक सतीश सिकरवार काफी नाराज है। बता दें कि सिकरवार परिवार का ग्वालियर, चंबल इलाके में बड़ा सियासी रसूख है। सतीश सिकरवार की पत्नी शोभा सिकरवार ग्वालियर से महापौर है। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी कार्यकारिणी से खुश नहीं है। इस वजह से उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई बधाई नहीं दी। कमलनाथ सहित पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के भी समर्थकों को लिस्ट में जगह नहीं मिलने से नाखुश है। बताया जा रहा है कि गोविंद सिंह ने अपने 5 समर्थकों के नाम दिए थे। लेकिन किसी का भी चयन नहीं किया गया।