कलेक्टर आशीष सिंह को ज्ञापन देते आलोक शर्मा और अन्य लोग
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मांस मछलियां खुले में न बिकें इसके लिए राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने समझाइश का बीड़ा उठाया है। मंच के कार्यकताओं ने शुक्रवार को पुराने भोपाल में मांस मछलियों की दुकान पर पहुंचकर दुकानदारों को जागरूक किया। उन्होंने दुकानदारों को बताया कि वे खुले में मांस मछलियां न बेचे इससे न सिर्फ गंदगी फैलती है बल्कि बीमारी भी पैर पसारती है। इसके साथ ही ऐसे लोग जो शाकाहारी हैं उन्हें भी असुविधा होती है। मंच ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की अपील के बाद यह पहल की।
बता दें, प्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपनी पहली ही केबिनेट में खुले में मांस बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से ही सभी जिलों में इस पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। राजधानी भोपाल में कलेक्टर आशीष सिंह ने ऐसी सभी दुकानदारों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है जो बिना लाइसेंस या खुले मांस बेच रहे हैं। सरकार के आदेश के बाद से ही राजनीति भी शुरू हो गई है। इस पर कांग्रेस का कहना है कि सरकार ऐसे सभी दुकानदारों को दुकान उपलब्ध करवानी चाहिए।
इन इलाकों की दुकानें समय पर बंद हों
इधर, पूर्व महापौर और उत्तर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रहे आलोक शर्मा ने भी पुराने भोपाल में देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों को बंद कराए जाने की मांग उठाई। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर आशीष सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भोपाल में दो कानून नहीं चलेंगे। काज़ी कैंप इलाके में सड़क किनारे रात भर मांस की दुकानें खुली रहती हैं। इन्हें बंद करवाया जाए। शर्मा ने कहा कि भोपाल में एक कानून एक नियम लागू हो। उन्होंने कहा कि काजी कैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बुधवारा, चौकी इमामबाड़ा, मंगलवारा, शब्ब्न चौराहा, जिंसी मार्केट में गुमास्ता एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां पर दुकाने समय पर बंद नहीं हो रहीं हैं।