राजधानी भोपाल में मंत्री और विधायकों के लिए नए बंगले बनाने की तैयारी है। इसके लिए करीब 29 हजार पेड़ों को काटा जाएगा। इस मामले को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष और विधायक अजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार भोपाल के हजारों पेड़ों को काटने का पाप एक बार फिर करने जा रही है। मंत्रियों और विधायकों के बंगलों के नाम पर तुलसी नगर और शिवाजी नगर के 29 हजार से अधिक पेड़ काटने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है, सिर्फ मुख्यमंत्री की मंजूरी बाकी है।
जरूरत से ज्यादा बंगले पहले से हैं तो नए बनाने की क्या जरूरत
अजय सिंह ने कहा कि आज भोपाल को स्व. एमएन बुच की याद आ रही है जिन्होंने 81-82 में वन सचिव रहते हुए सैकड़ों प्रजातियों के 50 हजार पेड़ लगाकर क्षेत्र को हरा-भरा बनाया था। उन्होंने कहा कि जब मंत्रियों और विधायकों के लिये जरूरत से ज्यादा बंगले पहले से ही मौजूद हैं तो नये बनाने की क्या जरूरत है।
यदि बनाना ही है तो ऐसी जगह चुनी जाए, जहां पेड़ न काटना पड़े। पुराना एमएलए रेस्ट हाऊस, भेल क्षेत्र, नीलबड़, रातीबड़ आदि बहुत सारे स्थान हैं। इच्छा शक्ति हो तो सारे विकल्प निकल आते हैं। एक ओर तो सरकार जल स्रोतों के उन्नयन के लिये हरित क्षेत्र विकसित करने का अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर पेड़ काटने के लिये भी उतारू है। भाजपा सरकार का यह कैसा विरोधाभास है जो सबकी समझ से परे है। विभिन्न नागरिक संगठन, एनजीटी, फिर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रहे है। सरकार को सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिये।