फिनिक्स पक्षी से अपनी तुलना करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब खुद को गिलहरी बताया है। उन्होंने कहा है कि वे पार्टी में एक गिलहरी के तरह अपना योगदान देते रहे हैं। शिवराज सिंह इन दिनों न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए गोवा में हैं। उन्होंने वहां पत्रकारों से चर्चा में की। उन्होंने कहा कि यह नया साल हमारे प्रदेश और देश की जनता की जिंदगी में सुख-समृद्धि और रिद्धि-सिद्धि लाए। सभी के घर और आंगन खुशियों से भर जाए।
शिवराज ने कहा कि मेरा विश्वास है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, इस नए साल में भी भारत की प्रगति और विकास का नया अध्याय लिखेगा। न केवल देश की प्रगति होगी, बल्कि जनता के कल्याण में भी गरीबों के कल्याण में भी, मोदी जी ऐतिहासिक काम करेंगे और पूरी दुनिया को भी दिशा दिखाने का काम होगा।
एक कार्यकर्ता के तौर पर मोहन सरकार को सहयोग
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़े और डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश निरंतर प्रगति और विकास की नई इबारत लिखें। यह मेरी शुभकामनाएं हैं। लेकिन यह केवल शुभकामनाएं नहीं हैं, डॉक्टर मोहन यादव और उनकी पूरी टीम को एक कार्यकर्ता और नागरिक के नाते मैं सदैव सकारात्मक सहयोग करता रहूंगा।
29 सीट जीतने का लक्ष्य
मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ेगा। नए साल में नया चैलेंज है... मैं बड़ा चैलेंज नहीं मानता, लेकिन 2024 में लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। पार्टी के कार्यकर्ता के नाते मेरा तो यह लक्ष्य रहेगा पार्टी के साथ मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी जीते। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हम दिन-रात अपने आप को झोंक कर काम करेंगे। इसके साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय जेपी नड्डा, पार्टी, प्रधानमंत्री, जो काम देंगे कार्यकर्ता के नाते उसे काम को मैं करूंगा। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी मेरे लिए पद प्राप्ति का माध्यम नहीं है। भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का मिशन है और मैं उस मिशन का कार्यकर्ता हूं इसलिए उसे मिशन को पूरा करने में जहां जितनी उपयोगिता होगी गिलहरी की तरह अपना मैं योगदान देता रहूंगा।
जुड़ा रहूंगा सरोकार से
शिवराज ने कहा कि इसके साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी मेरे मिशन है। विशेषकर महिला सशक्तिकरण यह मेरे लिए राजनीति का विषय नहीं है। जब मैं कुछ नहीं था विधायक भी नहीं था, सांसद भी नहीं था, तब भी मैं बेटियों के लिए काम करता था। विधायक बना तो गरीब बेटियों की शादी मैंने प्रारंभ की। सांसद बना तो ऐसी बेटियां जिनके माता-पिता नहीं थे ऐसी 7 बेटियां हम अपने घर ले आए मेरी धर्मपत्नी ने उन्हें पाल पोस कर बड़ा किया। पढ़ाई, लिखाई, शादी विवाह सब किया। मेरे मन में बचपन से यह पीड़ा रही है कि मां, बहन और बेटी को पूरा न्याय नहीं मिला। आधी आबादी को पूरा न्याय दिलाना मेरे जीवन का मिशन है। इसलिए मुख्यमंत्री बनते ही, लाडली लक्ष्मी योजना उसके बाद लाडली बहना तक का हमारा सफर यह महिला सशक्तिकरण का एक बहुत प्रमुख आयाम था।
बहनों के लिए करूंगा काम
पूर्व सीएम ने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि लाडली बहना जैसी योजना ने बहनों की जिंदगी बदली। अब लाडली बहना से लखपति बहना तक जाना है। सरकार अपना काम करेगी, लेकिन सरकार के साथ-साथ बहनों को जोड़ना, समाज को जोड़ना, अवेयर करना, ट्रेनिंग देना, योजनाओं का लाभ दिलाना, उसमें में सक्रिय सहयोग करता रहूंगा। बाल संरक्षण में, मैं बच्चों का मामा हूं बच्चे मुझे मामा कहते हैं। मामा भी किसी पद के साथ थोड़ी होता है। मामा तो मामा होता है मेरा घर बी8, 74 बंगला मामा का घर है उसके दरवाजे बहनों के लिए भांजे भांजियों के लिए भाइयों के लिए खुले रहेंगे और बच्चों के संरक्षण का काम भी में लगातार करता रहूंगा।
प्राकृतिक खेती पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पर्यावरण एक और विषय है यह धरती आने वाली पीढियां के रहने लायक बची रहे। इसलिए जरूरी है कि हम पर्यावरण बचाएं। इसलिए मैं रोज पेड़ लगाता हूं, पेड़ लगाने का मेरा क्रम जारी रहेगा। पर्यावरण के लिए और महत्वपूर्ण काम करेंगे। प्रधानमंत्री जी का एक और मिशन है प्राकृतिक खेती और प्राकृतिक खेती पर भी मैं लगातार जोर देता रहूंगा। किसानों को अवेयर करता रहूंगा, जनकल्याण और किसानों के कल्याण के काम चलाते रहेंगे, अपने परिवार के रूप में, मैं मध्यप्रदेश की जनता की सेवा मैं करता रहूंगा।