मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को लेखानुदान सर्वसम्मति से पारित हो गया। सदन में प्रश्नकाल के पहले आठ प्रश्न लगातार महिला सदस्यों ने पूछे। वहीं, मध्य प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक-2023 पारित कर दिया गया। इसमें ऑनलाइन जुआ-सट्टा खेलों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रावधान किया गया है। कांग्रेस ने इसका विरोध कर वॉकआउट किया। कांग्रेस ने कहा कि इससे प्रदेश में जुए सट्टे को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस विधेयक में संशोधन होने से महादेव सट्टा एप जैसे मामलों जिससे सरकार हिल गई थी, पर रोक लगेगी।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक सदन में रखकर ऑनलाइन गेम जैसे बैटिंग अर्थात सट्टा, जुआ, लाटरी, हॉर्स रेसिंग, केसिनों जैसे ऑनलाइन मनी गैमिंग का प्रचलन बड़ा है। इसका समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। ड्रीम 11 खेलो इंडिया, इंडियन पोकर गेम, जंगली रमी आदि में बड़ी राशि लगाकर यह ऑनलाइन गेम खेले जा रहे हैं और ऐसी राशियों पर सरकार को टैक्स भी नहीं मिल पा रहा है। इन सब गतिविधियों को हतोत्साहित करने के लिए इनको जीएसटी के दायरे में लाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इन गतिविधियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू किया है। इसे मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए 27 सितंबर 2023 को अध्यादेश लाया गया था। सत्र चालू नहीं हो पाने के कारण दोबारा 27 जनवरी 2024 को अध्यादेश लाया गया। अध्यादेश लागू नहीं होने के पहले एंट्री शुल्क पर 28 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता था। अब अध्यादेश लागू होने के बाद कुल जमा राशि पर जीएसटी वसूल किया जाएगा। भारत के बाहर से भी कोई गेम खिलाता है तो उसको रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
इस पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि मंत्री जी यह और बता दें कि इससे कितनी आय होगी, जिससे पूरा प्रदेश चलेगा। मंत्री देवड़ा ने सभी सदस्यों से बिल को पारित करने का आग्रह किया। विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि समाज की गंदगी को वैध कर देंगे तो काम कैसे चलेगा। युवा विधायक अभिजीत शाह ने कहा कि इन ऑनलाइन गेम में फंस कर जीतने विधायक आत्महत्या करेंगे तो उसके जिम्मेदार यहां बैठे हम सब होंगे?
जुए सट्टे की कमाई से सरकार चलाना चाहत हैं : सिंघार
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि क्या जुए, सट्टे और ऑनलाइन से ही पूरी सरकार चलाना चाहते हैं। यहां के युवाओं का क्या होगा। युवाओं के बारे में सरकार क्या सोच रही है। अभी अवैध तरीके से जितने ऑनलाइन गेम चल रहे हैं कि उसकी सरकार की पॉलिसी क्या है? उन्होंने कहा कि अब इस विधेयक का विरोध करते है। इसके साथ ही विपक्ष ने वॉकआउट किया। इसके बाद सदन में माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2024 पारित हो गया।
नर्सिंग कॉलेज की परीक्षा स्थानीय यूनिवर्सिटी लेगी
मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2024 भी विधानसभा में पारित किया गया। इसमें में मेडिकल यूनिवर्सिटी में नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सेस को छोड़कर अन्य विधाओं का संचालन किया जाएगा। नर्सिंग और पैरामेडिकल को स्थानीय यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया जाएगा। इस पर चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विधानसभा में कहा कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। इससे मेडिकल यूनिवर्सिटी पर बोझ बढ़ेगा। संशोधन विधेयक के माध्यम से यह बोझ कम किया जा रहा है। इस पर रामनिवास रावत ने पूछा कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता कौन प्रदान करेगा? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसके लिए मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा। उससे ही सभी तरह की मान्यता दी जाएगी।
कांग्रेस विधायक मार्को एप्रन पहन पहुंचे
कांग्रेस विधायकों ने गांधी प्रतिमा के सामने नीचे बैठक कर प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों को एमएसपी को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने जाने से रोकने का विरोध किया। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि दिल्ली में सरकार से बात करने जा रहे किसानों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार ने एमएसपी देने की बात कही, लेकिन उसे भी नहीं दे रही। वहीं, कांग्रेस विधायक फूंदेलाल मार्को सदन एप्रन पहन कर पहुंचे। जिस पर लिखा था स्कूल शिक्षा विभाग की किताबों को बच्चों को न बांटकर, कबाड़ में बेची जा रही है। यह नौनिहाल के साथ सरकार का मजाक है। उनको मार्शल ने रोक लिया और एप्रन उतारने के बाद ही अंदर जाने दिया गया।
लेखानुदान सर्वसम्मति से पारित, मंत्री बोले-यह चार माह का बजट
विधानसभा में सर्वसम्मति से 1 लाख 45 हजार करोड़ का लेखानुदान बजट पारित हो गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि पक्ष और विपक्ष ने सारगर्भित चर्चा की। इसमें अच्छे सुझाव भी सामने आए है। यह सिर्फ चार माह का बजट है। आने वाले समय में हमारी सरकार पूर्ण बजट लेकर आएगी। जिसमें अच्छे सुझावों को शामिल किया जाएगा। इससे पहले सदन में कांग्रेस विधायक ने अंतरिम बजट का विरोध किया। कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि इस तरह की नीतियों की वजह से मध्य प्रदेश के मजदूर दूसरे प्रदेश में जाते दिखेंगे। आदिवासी क्षेत्रों का वास्तविक परीक्षण होना चाहिए। मल्टीनेशनल कंपनियों के इशारे पर बजट बन रहा है। छात्रवृत्तियों का भुगतान नहीं हो रहा है। अति-गरीब वर्ग के लोगों के नल कनेक्शन के पैसे लिए जा रहे हैं। चार महीनों के लिए 1.45 लाख करोड़ का बजट है। अति पिछड़े आदिवासी वर्ग के लिए बजट में एक पैसा नहीं है। किसानों के खेत में पानी नहीं पहुंच रहा है। मरकाम ने यह भी कहा कि जब मैं मंत्री था तो आईएएस अधिकारियों की क्लास लगा देता था। सदन में कितना भी बोलो, समय बर्बाद करना है। हालांकि, बाद में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर आपत्ति ली। इसके बाद सदन की कार्यवाही से 'सदन में समय बर्बाद करने' के वाक्य को विलोपित किया गया।
आदिवासी इलाके नजरअंदाज : डोडियार
अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि आदिवासी इलाके को नजरअंदाज किया गया है। आदिवासी इलाकों में जनजातीय वर्ग के पास कम जमीन है। आदिवासियों का जीवनयापन कृषि क्षेत्र पर निर्भर है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर आदिवासी अनपढ़ है। आदिवासियों इलाकों की हकीकत जानने के लिए सर्वे करवाया जाना चाहिए। संविधान को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो ही सभी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
शासकीय विधेयक पेश किए गए
कुछ ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद शासकीय विधेयक लाने की कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन 42 विधायकों के नाम लिए जिन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए थे। इसके बाद इनके प्रस्तावों को पढ़ा लिया माना गया। मंत्री गौतम टेटवाल प्रांतीय लघुवाद न्यायालय निरसन विधेयक 2024, इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2024, राजेंद्र शुक्ल ने मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पेश किए।
बाणगंगा नहर योजना का लाभ किसानों को नहीं
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र में बाणगंगा नहर योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। ध्यानाकर्षण में आए इस मुद्दे पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इस संबंध में 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। विधायक ने टोका और बताया कि काम तो 15 प्रतिशत ही हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी से कामों की जांच कराएंगे। 2025 तक शेष काम भी पूरा हो जाएगा।
पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने की मांग
विधायक अभय कुमार मिश्रा ने पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने की मांग की। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मिश्रा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उनकी मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बीते समय में वेतन तीन गुना बढ़ाया जा चुका है। इस समय इस मद के लिए कोई प्रस्ताव सरकार के पास लंबित नहीं है।
किसान आंदोलन पर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों के आंदोलन को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की 70% अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है। किसान ही आर्थिक गतिविधि बनाते हैं। किसानों के जेब मे पैसा हो तो गांव के किराने की दुकान चलती है। एमएसपी सबसे बड़ी चीज है। हर किसान को गारंटी होनी चाहिए।
टोल रोड से अवैध वसूली का सवाल
जौरा से विधायक पंकज उपाध्याय ने टोल रोड पर अवैध वसूली पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि लागत से तीन से चार गुना टोल वसूल किया जा चुका है। उन्होंने पूछा कि सरकार जनता की है या ठेकेदार की? इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि टोल 15 साल के लिए होता है। इसकी पूरी रिपोर्ट बनती है। अलग अलग एमओयू होते हैं। इसमें सड़क का मेंटेनेंस भी शामिल होता है। राशि पर लगने वाला ब्याज भी इसमें शामिल होता है।
मिनी स्मार्ट सिटी पर मांगे सुझाव
सीधी से विधायक रीति पाठक ने मिनी स्मार्ट सिटी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीधी जिले को स्मार्ट सिटी बनाने पर कितना पैसा खर्च हुआ। स्मार्ट सिटी में कितनी राशि खर्च हुई? स्मार्ट सिटी में विकास के लिए राशि बढ़ाने की मांग भी की गई। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पाठक से ही सुझाव मांग लिया। उन्होंने कहा कि सीधी स्मार्ट सिटी में ओर क्या विकास होना चाहिए, इस पर सुझाव दें। विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि सीधी के लिए जो भी राशि आवश्यक होगी, उसका अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में सड़कों के गड्ढे भरने मोबाइल एप का सहारा
कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सदन को बताया कि मोबाइल एप की मदद से गड्ढे भरे जा रहे है। आम लोग गड्ढों के फोटो मोबाइल से खींचकर एप पर भेजते है। यह तस्वीर संबंधित जिले के अधिकारियों के पास पहुंचती है। तय समय सीमा में इन सड़कों की मरम्मत की जाती है। उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। मरम्मत के बाद अफसर को ही फोटो भी अपलोड करनी होगी कि काम पूरा हो गया है।
बीना के रिंगरोड, बालाघाट में पेयजल का मुद्दा उठा
बीना विधायक निर्मला सप्रे ने वहां बन रहे रिंगरोड का मुद्दा प्रश्नकाल में उठाया। इसके बाद बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने पूछा कि उनके क्षेत्र में जल आवर्धन योजना का काम अटका पड़ा है। 2018 में यह काम पूरा हो जाना था, लेकिन अब भी यह अधूरा है। जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो काम अब तक हुआ है, उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। घटिया निर्माण कार्य हुए हैं।
पीएम आवास योजना के अपात्र हितग्राहियों का मुद्दा
भाजपा विधायक ललिता यादव ने छतरपुर नगर पालिका में अपात्र लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 21 हितग्राही अपात्र पाए गए हैं। उनसे वसूली की कार्रवाई की गई है। ललिता यादव ने इस पर कहा कि 90 लोगों की जानकारी नहीं दी गई है। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि जांच करने भोपाल से टीम भेजी जाएगी। इसी तरह विधायक रामसिया भारती ने दुरुस्त सड़कों को बार-बार बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ा मलहरा में सड़कों की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। सड़क निर्माण की जांच होनी चाहिए। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कों को बार-बार बनवाया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।