मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश की हर विधानसभा में विकास की नई तहरीर लिखने की तैयारी की है। इसके लिए हर विधानसभा से विजन डॉक्यूमेंट तैयार करवाया जा रहा है। करोड़ों रुपए से होने वाली इस कवायद में महज प्रदेश के भाजपा विधायकों को शामिल किया गया है। जबकि कांग्रेस विधायकों को इससे दूर रखने की मंशा है। जहां भाजपा विधायक इस काम के लिए अपने क्षेत्र की प्राथमिकताएं तय करने में जुट गए हैं, वहीं कांग्रेस को इसकी न तो जानकारी दी गई है और न ही इन क्षेत्रों के विकास की कोई बात की गई है।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की योजना बनाई है। तय किया गया है कि इसके तहत विधानसभा के विकास पर 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस विजन के तहत जारी होने वाली राशि अगले 4 साल में विकास पर खर्च करने की बाध्यता भी विधायकों पर होगी। सूत्रों का कहना है कि इस योजना के तहत सिर्फ बीजेपी विधायकों को ही फंड दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार ने विधायकों से विजन डाक्यूमेंट तैयार करने को कहा है। बताया जा रहा है कि विजन डॉक्यूमेंट के हिसाब से प्राथमिकता तय होगी। इसके लिए यह भी कहा गया है कि विधायकों को जारी की गई राशि इसी मद में खर्च करनी होगी। साथ ही इन कामों की मॉनिटरिंग भी करना होगी।
कांग्रेस बेखबर
इधर प्रदेश सरकार के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया है कि विजन डॉक्यूमेंट की कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि एक मुखिया के लिए विकास का दोहरा मापदंड रखना प्रदेश विकास के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।