उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एमसीयू के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए
- फोटो : अमर उजाला
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के 50 एकड़ में बने नवीन परिसर का लोकार्पण और पौधारोपण भी किया। उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम में पीएचडी के 23 विद्यार्थियों समेत स्नातकोततर के करीब साढ़े चार सौ विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस या पत्रकार का काम एजेंडा तय करना नहीं है।
उन्होंने मीडियो को आत्मवलोकन करने की बात करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने में सबसे बड़ी भूमिका मीडिया की होती है। प्रेस को प्रहरी बताते हुए कहा कि उसके कंधों पर बड़ा भार है। उन्होंने देश के विकास को किसी राजनीतिक दष्टिकोण से नहीं देखने को कहा। उन्होंने का कहा कि देश का विकास होगा तो उसका लाभ सभी को मिलेगा। उन्होंने प्रेस को नकारात्मकता और सनसनी खेज खबरों से बचने और समाज एवं राष्ट्र के सकारातमक पक्ष को सामने लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रेस या पत्रकार का काम एजेंडा तय करना नहीं होता है। उन्होंने मध्य प्रदेश में कृषि एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने जी-20, चंद्रयान-3 की उपलब्धियां का भी उल्लेख किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन कार्यों से पूरी दुनिया में भारत की प्रशंसा हो रही है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के प्रतिवेदन को प्रस्तुत करते हुए कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी जी की प्रेरणा से विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर अग्रसर है। कुलपति प्रो. सुरेश ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार नवाचार और पत्रकारिता के उच्च आदर्श ज्ञान और कौशल से युवाओं के जीवन को सफल बनाने और समाज की चुनौतियों का समाधान खोजने की मदद कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय की विद्यार्थी दादा के आदर्शों और मूल्यों पर चलकर "कर्मवीर" समाचार पत्र की तरह निडर और सत्य के मार्ग पर चलकर समाज की उन्नति और देश के निर्माण में ईमानदारी,कड़ी मेहनत, नवाचारी, सकारात्मक और सृजनात्मक रहते हुए राष्ट्र को सर्वोपरी रखकर यशस्वी पत्रकार बनेंगे।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति की धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर,विधायक पी.सी. शर्मा समेत विश्विवद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।