यूनाइटेड फोरम के बैनर तले प्रदेश के 55 जिलों के हजारों विद्युत संविदा कर्मी रविवार को भोपाल पहुंचे और अपनी मांगों की ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यानाकर्षित किया। उन्होंने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं मध्य प्रदेश राज्य सरकार के आदेशों के अंतर्गत उनका भी नियमितीकरण और संविलयन किया जाए।
यूनाइटेड फोरम के प्रमुख इंजीनियर वीकेएस परिहार ने बताया कि यूनाइटेड फोरम द्वारा तीन माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और मध्य प्रदेश सरकार के आदेशों के पालन की गुहार लगाई गई। इससे पहले भी कई बार सरकार से मांग की गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी मांग के सिलसिले में रविवार को प्रदेश भर के 55 जिलों से आए हजारों विद्युत संविदा कर्मी भोपाल में एकत्रित हुए। ये विद्युत संविदा कर्मी पूर्ण वैधानिक भर्ती प्रक्रिया का पालन करते हुए, भर्ती विज्ञप्ति, पद अनुरूप शैक्षणिक योग्यता, ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर के माध्यम से रिक्त जारी पद, लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से चयनित हुए हैं।
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बैक डोर से भर्ती नहीं हुए
संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत संविदा कर्मी कोई बैक डोर से भर्ती हुए विद्युत कर्मी नहीं हैं, बल्कि फ्रंट डोर के माध्यम से वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भर्ती हुए हैं। नवीन जारी ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर में 5000 संविदा कर्मियों के पदों को हटाकर 49,263 पद जारी किए गए हैं। बिजली कंपनियां पहले से ही संविदा को नियमित ही मान रही हैं, केवल आदेश जारी करने हैं। प्रदर्शन में सभी जिलों से संविदा अधिकारी कर्मचारी उपस्थित हुए। इनमें मुख्य रूप से अरुण ठाकुर, आदित्य चौबे, अजय नामदेव, विकास शुक्ला, दुर्गेश दुबे, लोकेंद्र श्रीवास्तव, प्रशांत पाल चंद्रमणि गजभिए, कुलदीप खांडेकर, रोहित लाल, एसके पचौरी, सूरज सिंह, जाहिद खान, प्रदीप द्विवेदी, धर्मेंद्र मालवीय, अनंत मिश्रा, पंकज शर्मा, अखिलेश यादव, दुर्गा पांडे, अशोक प्रजापति, अजय शर्मा, पवन शर्मा, राजेंद्र दुबे, वीरेंद्र रघुवंशी, राजकुमार मेहरा, तरुणा इवनाती, आशीष श्रीवास्तव आदि सदस्य उपस्थित रहे।
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