भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने क्रिप्टो करंसी में राशि एक्सचेंज करने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो जासालों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने करोड़ों की राशि की ठगी कर चुके हैं। भोपाल और आसपास के लोगों से करीब 5 करोड़ की ठगी का पता चला है। एक आरोपी वेबसाइट डवलपर है, जबकि दूसरा ठगी का मास्टरमाइंड और प्रमोटर। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपियों के डीजीसी और जीडीसी में लोगों से निवेश कराकर क्रिप्टो में एक्सचेंज के नाम पर ठगी करते थे। इसके लिए आरोपियों ने देशभर में हाईप्रोफाइल सेमिनार आयोजित कर शिकार बनाते थे। जालसाजों के तार दुबई से भी जुड़े मिले हैं। साइबर क्राइम ने पूछताछ में पता लगाया है कि क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए वेबसाइट बनाकर आरोपियों ने करीब दस हजार लोगों की आईडी बना चुके हैंं। हालांकि यह गिरोह भोपाल सहित देशभर के कुल कितने लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है, इसका कोई स्पष्ट डाटा पुलिस के पास अभी नहीं है।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अखिल पटेल और एडीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि 40 वर्षीय गोकुल प्रसाद निवासी कटाराहिल्स ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत की थी कि सुमित जैन निवासी (दुबई फाउण्डर गोल्ड डेजर्ट काईन), अतुल जैन निवासी मण्डला एवं त्रिलोक पाटीदार निवासी भोपाल द्वारा बेवसाईट golddesertcoin.info के माध्यम से गोल्ड डेजर्ट कॉईन में रूपये इन्वेस्ट कराने के नाम पर 01 लाख 15 हजार रूपये की धोखाधड़ी की गयी है। जिसमें पहले फरियादी को इसमें रूपये इन्वेस्ट करने के लाभ बताये गये कि डीजीसी कॉईन में रूपये इन्वेस्ट करने पर कई गुना भुगतान का लालच दिया गया था।
त्रिलोक पाटीदार ने कराई थी जालसाजों के साथ मीटिंग
एडीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि भोपाल निवासी जालसाज त्रिलोक पाटीदार ने अन्य आरोपियों के साथ फरियादी की मीटिंग कराई गई थी, इसके बाद ठगी को अंजाम दिया गया। कुछ ही दिन में रकम तीन गुना करने का लालच देकर ठगी की थी। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 120(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
सेमिनार आयोजित कर निवेश के लिए देते थे प्रलोभन
आरोपी त्रिलोक पाटीदार गोल्ड डेजर्ट कॉईन का मुख्य प्रमोटर है। यह देश के विभिन्न राज्यों में जाकर हाई प्रोफाईल होटलों में 100-150 लोगों को एकत्रित कर उनको जीडीसी कॉइन में इन्वेस्ट करने के लिए उकसाते हुए बताता था कि इसमें निवेश करने पर बिटकॉईन की तरह लाभ होगा। जीडीसी कॉइन की वेल्यू कुछ ही दिनों में बिटकॉईन की तरह हो जायेगी। आरोपी त्रिलोक पाटीदार ने कुछ दिनों बाद ही वृहद स्तर पर फ्रॉड करने के लिए साथियों के साथ मिलकर ट्रेड क्रिप्टो 24 नाम से क्रिप्टो एक्सचेंज ही खड़ी कर ली।
छोटे भुगतान करते, बड़ा रोक लेते थे
आरोपी इतने शातिर हैं कि जो कम राशि निवेश करते थे, उन्हें तो तय समय पर भुगतान कर देते थे। फिर इन्हीं लोगों को लालच देकर बड़ी रकम निवेश कराते या इन लोगों को भुगतान होना दिखाकर अन्य लोगों से बड़ी राशि निवेश कराकर उसका भुगतान नहीं करते और इसी तरह करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने वेइसाइट के प्रारंभिक डेवलपर अमर लाल वाधवानी को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अमर द्वारा मुख्य आरोपी को क्रिप्टकरेंसी की बेवसाईट तैयार करने में मदद की है।
पुलिस ने कहा निवेश के नाम पर लालच देने वालों से सावधान रहें
साइबर पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहने के लिए फिर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे- इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रतिदिन हजारों रूपये कमाने का लालच दिया जा रहा है जिसमें पहले आपको किसी भी अज्ञात क्रिप्टो एक्सचेंज में रूपये इन्वेस्ट करने हेतु बताया जाता है एवं बहुत अधिक मुनाफा कमाने हेतु अधिक से अधिक अमाउण्ट को इन्वेस्ट करने के लिए उकसाया जाता है। आपको कुछ सेमिनार भी अटैण्ड करवायी जाती है जिनमें दो-चार लोगों को बहुत अधिक एमाउण्ट का फ्रोफिट होना दिखाया जाता है जो कि फेक होता है। अथवा यह व्यक्ति प्रोपोगेटेड होते है। उक्त प्रकार के क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट के झांसे में न आये। फोन पर कोई अज्ञात व्यक्ति आपसे क्रेडिट कार्ड, बैंक खाता, एटीएम कार्ड या अन्य कोई फायनेंसियल जानकारी मांगता है तो उसके साथ अपनी बहुमूल्य जानकारी बिल्कुल भी साझा न करें एवं अपनी स्थानीय बैंक शाखा में जाकर सम्पर्क करें।
इन बातों का हमेशा ध्यान रखें-
— कॉल पर किसी को भी अपनी बैंक खाता, एटीएम एवं क्रेडिट कार्ड से संबंधित कोई भी जानकारी साझा न करें भले ही बैंक वाले आपसे मांग रहे हो।
— किसी भी प्रकार की शासकीय अथवा प्रायवेट नौकरी दिलाने वालों से सर्तक रहे एवं रूपये के लेन देने से बचे।
— पेमेंट प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार का ओटीपी अथवा यूपीआई पिन इंटर करने की जरूरत नहीं होती ।
— ऑनलाईन खरीददारी करते समय सतर्क रहें एवं सायबर ठगों से बचे।
— ऑनलाईन खरीददारी के लिए ऐसे बैंक खाता का इस्तेमाल करें जिसमें कम बैलेंस हो।
— किसी भी अननॉन बेवसाईट से कोई एप्पलीकेशन डाउनलोड न करें।
— कभी भी किसी के साथ अपना ओपीट/सीवीवी/पासवर्ड/पिन आदि शेयर न करें ।
— ऑनलाईन अथवा फोन पर दिये गये लॉटरी अथवा फ्री ऑफर के लालच में न पड़े ।
— किसी अननॉन लिंक पर क्लिक न करें ।
— केवायसी के नाम पर प्राप्त मैसेज में दिये गये नंबर पर कॉल न करें जानकारी के लिए अपने बैंक में जाकर जानकारी प्राप्त करें।
— ध्यान रखे रूपये प्राप्त करते वक्त किसी भी प्रकार का पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन इंटर करने की जरूरत नहीं पड़ती।
— व्हाट्सएप पर ऑननान मोबाईल नंबर से वीडियों कॉल रिसीव करते समय अपना चहरा ना दिखाये पहले सामने वाले की पहचान करें कि वह आपका परिचित है अथवा नहीं।
— अपने पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें एवं अल्फान्यूमेरिक+स्पेशल करेक्टर का पासवर्ड रखें।
— बिजली कनेक्शन की कटौती संबंधी मैसेज की पुष्टि पहले बिजली ऑफिस जाकर करें।
— छोटे-छोटे इन्वेंस्टमेंट वाली बेवसाईट पर इन्वेस्टमेंट करने से बचें।
— अपने मोबाईल फोन एवं कम्प्यूटर/लेपटॉप में रिमोट एक्सेस एप्पलीकेशन अथवा सोफ्टवेयर जैसे कि एनीडेस्क, टीमव्यूवर आदि का यदि आप उपयोग नहीं करते है तो उसको तुरंत अनइंस्टाल कर दें।
—लाखों की लॉटरी वाले मैसेज अथवा विज्ञापनों से बचे और उक्त मैसेज किसी भी दूसरे को शेयर न करें।