सार
मध्य प्रदेश वन विभाग अब राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को बाघ भेजने से पहले ग्राउंड लेवल सर्वे करेगा, ताकि ट्रांसलोकेशन की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और सफल हो सके। विभाग ने बताया कि 11 बाघों के स्थानांतरण से पहले टीमें तीनों राज्यों में पर्यावरणीय व सुरक्षा तैयारियों की जांच करेंगी।
मध्य प्रदेश वन विभाग अब देश के तीन राज्यों राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ को बाघ देने से पहले ग्राउंड लेवल अध्ययन (मैदान सर्वे) करवाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि एमपी से कम से कम 11 बाघों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। विभाग के अनुसार, यह कदम किसी भी संभावित हादसे या असफल टाइगर ट्रांसलोकेशन की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाया गया है। इसके लिए विशेष दल बनाकर तीनों राज्यों में भेजे जाएंगे, जो वहां के रिलीज साइट्स की सुरक्षा, शिकार आधार, आवासीय स्थिति और पर्यावरणीय तैयारी की विस्तृत जांच करेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि टीमें तीनों राज्यों में जाकर जमीनी स्तर पर अध्ययन करेंगी। यदि किसी तरह की कमी पाई जाती है, तो विभाग आवश्यक मार्गदर्शन और सिफारिशें देगा।