भारतीय ज्ञान परम्परा को संरक्षित और संवर्धित करने में महिलाओं का योगदान आदिकाल से रहा है। महिला सशक्तिकरण के राष्ट्रीय आंदोलन को जनमानस के बीच लाने एक बहुआयामी आयोजन राजधानी भोपाल में किया जा रहा है। 6 से 8 दिसंबर तक यह आयोजन होगा। इस दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।
स्त्री 2024 के नाम से किए जा रहे कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल और शक्ति (SHAKTI) द्वारा संयुक्त
रूप से किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य विषय “भारतीय ज्ञान परंपराओं की संरक्षक और संवाहक के रूप में महिलाएं–आदि से अमृत काल तक” रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न सरकारी संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है।
यह होंगे मेहमान
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर पद्मश्री सम्मानित अनुपमा होस्करे, डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव, एवं पद्मश्री लक्ष्मी कुट्टी, विज्ञान पुरस्कार प्राप्त प्रो. अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम और चंद्रयान-3 की प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. माधवी ठाकरे आदि भी सम्मेलन की गरिमा बढ़ाएंगे।
क्या होगा तीन दिन
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में भारतीय ज्ञान प्रणाली आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिनमें प्रमुख वक्ताओं के व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, 150 पोस्टर प्रस्तुति, 50 मौखिक प्रस्तुति, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेगा एक्सपो शामिल हैं। मुख्य विषयों में एसटीईएम (STEM) में महिलाओं का योगदान, पारंपरिक भारतीय चिकित्सा, भारतीय परंपरा में महिला दार्शनिकों की भूमिका और महिलाओं के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणाली का पुनरुद्धार शामिल हैं।
यह होंगे प्रतिभागी
सम्मेलन में 600 से अधिक प्रतिनिधि और 54 विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजन में देशभर के विद्वान, वैज्ञानिक और शोधकर्ता एक मंच पर मौजूद होंगे। जहां वे भारतीय ज्ञान परंपराओं में महिलाओं के योगदान पर विचार-विमर्श करेंगे।