कृषि मंत्री ऐदल सिंह गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए विवादित बयान दिया है। कंसाना ने कहा कि प्रदेश में कहीं खाद की कमी नहीं है। यदि कहीं खाद की कमी है तो मुझे बताए मैं खाद पहुंचाएगा। मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए आगे कहा कि कौन से जिले और कौनसी तहसील में खाद की आवश्यकता है। हालांकि, यह उर्वरक विभाग का मामला है। इसका वितरण सहकारिता विभाग करता है। आप मुझसे पूछ रहे हैं तो मैं आपको उसका उत्तर दे रहा हूं। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो मुझे बता दें। मंत्री ने यह भी कहा कि खाद खरीदी केंद्रों पर किसानों की बढ़ती भीड़ का कारण यह है कि लोग एक दुकान से खाद न मिलने पर दूसरी दुकानों पर चले जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और कांग्रेस के आरोप निराधार हैं।
मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए- उमंग सिंघार
मंत्री के इस बयान पर सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री पर हमला करते हुए कहा कि यदि कृषि मंत्री को किसानों की समस्याओं का कोई ज्ञान नहीं है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। यह बयान प्रदेश के कृषि मंत्री की अल्पज्ञान को दर्शाता है। सिंघार ने आगे कहा कि किसान क्या खेतों में खाद नहीं डालता है? खाद की आपूर्ति को लेकर हर जिले से शिकायतें आ रही हैं और मंत्री इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अगर खाद की आपूर्ति पूरी हो चुकी है, तो एक बुलेटिन जारी करना चाहिए, ताकि किसानों को सही जानकारी मिल सके। सिंघार ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए तंज कसा कि रामनिवास रावत तो अपने निवास चले गए, अब ऐदल सिंह कंसाना को भी अपना इस्तीफा देना चाहिए।