मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस 'एआई' के दुरुपयोग और सायबर क्राइम के खतरे से समाज को बचाने को तैयार रहें। इसके लिए पुलिस को फ्यूचर रेडी होना होगा। राज्य को सायबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दुरुपयोग से बचाने के लिए हर थाने में सायबर डेस्क, हर जिले में सायबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित किया जाए। सीएम ने कहा कि सायबर अपराधों से निपटने के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाए, जिससे आम जनता को तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों को रोकने के लिए पुलिस को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करें
डॉ. यादव ने राज्य में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सघन निगरानी और संदिग्ध हुक्काबार और नाइट क्लबों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। गौ-तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया। महिला अपराधों पर नियंत्रण और बालिका सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना सुनिश्चित किया जाए और गुमशुदा बालिकाओं की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
नक्सल गतिविधियों को 2026 तक समाप्त करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल विरोधी अभियान संबंधी बैठक में मार्च-2026 तक नक्सल गतिविधियों को पूर्णत: समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश के संभावित नक्सल क्षेत्र में सघन ऑपरेशन चलाया जाए। इसके लिए निश्चित समय सीमा में आवश्यकतानुसार हॉक-फोर्स की भर्ती की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में वन्य पशुओं की गतिविधियों से जन जीवन प्रभावित होने या जन हानि होने की संभावना है वहां वन विभाग से समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए पुलिस सक्रिय रहे।
पुलिसकर्मियों के कार्य वातावरण में सुधार करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण देना आवश्यक है। पुलिस कर्मियों के लिए आवास निर्माण की अनुमति और ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने, हर स्तर पर पदोन्नति, और परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस संरचना में काडर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के स्थान पर भर्ती सुनिश्चित की जाए। डॉ. यादव ने नवीन क्रिमिनल कोड के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देने और आवश्यक तकनीकी साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक संभाग में एफएसएल लैब की स्थापना की जाएगी, ताकि मामलों की जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
'रुस्तमजी' पुरस्कार फिर शुरू किया जाएगा
प्रदेश में पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'रुस्तमजी' पुरस्कार को पुनः प्रारंभ किया जाएगा। एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय दौरे और अपराध समीक्षा के निर्देश दिए गए। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के लिए समर्पित थाना स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। पुलिस बैंड का पुलिस बल के उत्साह और कौशल पर सकारात्मक प्रभाव होता है। पूर्व रियासतों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों में ऐतिहासिक रूप से पुलिस बैंड की परम्परा रही है। पुलिस बैंड के कैडर को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य-योजना बनाई जाए।