गृह विभाग ने प्रदेश में दूसरी महिला पुलिस सिपाही को लिंग परिवर्तन कराने की अनुमति दे दी है। यह कांस्टेबल रतलाम जिले में पदस्थ है। इससे पहले 2021 में निवाड़ी जिले में पदस्थ महिला पुलिस कांस्टेबल को लिंग परिवर्तन कराने की अनुमति दी थी।
रतलाम में पदस्थ महिला कांस्टेबल को लिंग परिवर्तन की अनुमति के संबंध में राज्य सरकार ने सोमवार को आदेश जारी किया। गृह विभाग की तरफ से जारी आदेश में बताया कि महिला आरक्षक को बचपन से ही लिंग पहचान असामान्यता 'जेंडर आईडेंटिटी डिसऑर्डर' है। इसकी पुष्टि दिल्ली के मनोचिकित्सक डॉ. राजीव शर्मा द्वारा की गई। उन्होंने कांस्टेबल को लिंग परिवर्तन की सलाह दी। इसके बाद ने 2021-22 में लिंग परिवर्तन को लेकर राज्य सरकार को शपथ पत्र के साथ आवेदन किया था। इसका पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासन ने विधि विभाग से अभिमत लेकर महिला कांस्टेबल को इसकी अनुमति दे दी।
महिला कर्मचारी को प्राप्त होने वाली सुविधा नहीं मिलेगी
गृह विभाग के आदेश के अनुसार लिंग परिवर्तन के बाद महिला कांस्टेबल को महिला कर्मचारी के तौर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि लिंग परिवर्तन होने के बाद को महिला कर्मचारी के रूप में प्राप्त होने वाली सुविधा/लाभ आगे प्राप्त नहीं होंगे।
लिंग परिवर्तन के अभी कोई नियम नहीं
प्रदेश में शासकीय कर्मचारी के लिंग परिवर्तन के संबंध में कोई स्पष्ट नियम/ परिपत्र नहीं है। ऐसे में गृह विभाग ने विधि विभाग के अभिमत अनुसार निर्णय लिया। विधि विभाग ने लिंग परिवर्तन की अनुमति में सुप्रीम कोर्ट के 2014 के नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य के मामले में जारी आदेश के अनुसार निर्णय लिया। इसमें कहा गया है कि लिंग परिवर्तन में कोई वैधानिक बाधा नहीं है एवं प्रशासकीय विभाग इस संदर्भ में विचार कर सकता है कि यदि नौकरी महिला होने के आधार पर मिली है तो लिंग परिवर्तन होने पर महिला के रूप में मिलने वाली समस्त सुविधा व लाभ आगे प्राप्त नहीं होंगे।