मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को कैबिनेट की वर्चुअल बैठक हुई। इसमें लाड़ली बहना योजना को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 जनवरी 2023 को पूरे प्रदेश में यह योजना लागू करने की घोषणा की थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की राशि दी जाएगी। राज्य सरकार ने योजना के लिए पात्रता शर्तों और अन्य जानकारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
अपात्रता के प्रावधान भी हैं
ऐसे कर सकेंगे आवेदन
लाड़ली बहना योजना में आवेदन पोर्टल/ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। इसके लिए आवेदन प्रपत्र कैम्प, ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र पर उपलब्ध होंगे। इन आवेदनों की जानकारी को कार्यालय अधिकारी द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। इसकी पावती एसएमएस/ व्हाट्सअप द्वारा हितग्राही को दी जाएगी। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहयोग करेंगी। आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यह दस्तावेज होना अनिवार्य है
आवेदन करने वाली महिला के परिवार का समग्र आईडी दस्तावेज, स्वयं की समग्र आईडी दस्तावेज और स्वयं का आधार कार्ड देना होगा। साथ ही आवेदक महिला को कार्यालय पर उपस्थित होना होगा, जिससे उनका लाइव फोटो लिया जा सके और ई-केवायसी किया जा सके।
समिति करेगी शिकायतों का निराकरण
आवेदन फॉर्म भरने के बाद उसकी जांच कर अनंतिम सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण आपत्ति निराकरण समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र, नगर परिषद एवं नगर पालिका एवं नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग अधिकारियों को अधिकृत किया जाएगा। सूची प्रकाशित होने के 15 दिवस में अपनी आपत्ति आवेदक को देनी होगी।
पात्रता की रैंडम जांच का प्रावधान
योजना में राज्य स्तर पर रैंडम चयन कर आवेदक की पात्रता की जांच की जाएगी। सभी आपत्तियों के समयसीमा में जांच के बाद पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची आपत्ति निराकरण समिति के स्तर पर मुख्य कार्यालय अधिकारी, जनपद पंचायत/ सीएमओ, नगरीय निकाय/ आयुक्त, नगर निगम द्वारा स्वीकृत की जाकर पोर्टल/ऐप पर प्रदर्शित की जाएगी। सूची का प्रिंटआउट ग्राम पंचायत/वार्ड स्तर पर भी चस्पा किया जाएगा। अपात्र हितग्राहियों की सूची भी पोर्टल पर अलग से प्रदर्शित की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।
योजना के क्रियान्वयन की समयसीमा
पहले साल में एक करोड़ महिलाएं होंगी लाभान्वित
अधिकारियों के मुताबिक योजना का लाभ पहले साल में एक करोड़ महिलाओं को मिलेगा। इस पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले साल से हितग्राही महिलाओं की संख्या में औसत तीन लाख की बढ़ोतरी होगी। पहले साल तो दस महीनों की राशि मिलेगी यानी हर महिला को अगले साल मार्च तक दस-दस हजार रुपये। अगले साल से हर साल हर लाड़ली बहना को 12 हजार रुपये सालाना प्राप्त होंगे।