असम-मेघायल कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रतीक हजेला की सेवाएं राज्य सरकार ने मूल कैडर असम-मेघालय को वापस कर दी है। 1995 बैचे के आईएएस हजेला तीन साल की प्रतिनयुक्ति पर मध्य प्रदेश आए थे। 31 मार्च 2023 को तीन साल पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने आयुष विभाग का चार्ज वापस लेकर हजेला को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया।
हजेला ने जान को बताया खतरा
प्रतीक हजेला मूलत: भोपाल के रहने वाले हैं। प्रतीक हजेला अपनी प्रतिनियुक्ति बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए हजेला ने अपनी जान को खतरा बताया था। वह इसके लिए कोर्ट की शरण में भी गए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हजेला की प्रतिनयिुक्ति बढ़ाने को लेकर कोई राहत नहीं मिली।
देश विरोधी कानून के तहत केस दर्ज
प्रतीक हजेला सितंबर 2013 से नवंबर 2019 तक असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के स्टेट कोऑर्डिनेटर के पद पर पदस्थ थे। हजेला पर मई 2022 में एनआरसी स्टेट कोऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने सीआईडी में FIR दर्ज कराई है। सरमा की शिकायत के अनुसार हजेला ने एनआरसी स्टेट कोऑर्डिनेटर रहते हुए जान-बूझकर गलत तरीके से लोगों को भारतीय नागरिक के रूप में शामिल किया। इसके लिए उन पर सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी करने का भी आरोप लगाया गया है। इस वजह से हजेला पर देश विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। FIR में हजेला के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के नाम भी शामिल है।