मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश विधानभा के बजट सत्र सोमवार से फिर से शुरू होगा। बजट सत्र में त्यौहार होने के चलते नौ दिन बाद फिर विधानसभा लगेगी। बजट सत्र के पांच दिन बीत चुके हैं। सत्र के आठ दिन बचे हैं, लेकिन अभी अहम मुद्दों पर चर्चा बाकी है।
बजट सत्र में अभी राज्यपाल के अभिभाषण समेत विभिन्न कानूनों पर चर्चा होना बाकी है। विधानसभा सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के निलंबन के बाद सत्र में हंगामा हो गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नियमावली फेंकने और विपक्ष के सदस्य सज्जन सिंह वर्मा के सदन की नियमावली को फाड़ कर फेंकने से सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सज्जन सिंह वर्मा और विजयलक्ष्मी साधौ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में लंबित है। वहीं, विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव दिया है।
होली और रंगपंचमी की छुट्टी के बाद सोमवार से फिर सत्र शुरू हो रहा है। इसमें बजट और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए समाधान निकालने का प्रयास भी किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल के अंत में होना है। ऐसे में बजट सत्र के बाद मानसून सत्र ज्यादा दिनों के लिए नहीं बुलाया जाएगा। चुनाव से पहले चर्चा के लिए बजट सत्र ही पर्याप्त समय है। 13 से 17 मार्च तक सदन की बैठक होना है। इसके बाद दो दिन की छुट्टी के बाद 20 और 21 को बैठक होगी। फिर 27 मार्च को बजट सत्र का समापन हो जाएगा। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए सदन की कार्रवाई का समय बढ़ाने की बात पहले ही कह चुके हैं।
निकल सकता है बीच का रास्ता
जीतू पटवारी के निलंबन को समाप्त करने, संसदीय कार्य मंत्री के निलंबन को लेकर कांगेस सदन में हंगामा कर सकती है। वहीं भाजपा ने भी सज्जन वर्मा और विजयलक्ष्मी साधौ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। इस मुद्दे पर भी हंगामा हो सकता है। रविवार को संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. गिरीश गौतम से मिलने उनके निवास पहुंचे थे। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को सदन में बीच का रास्ता निकाला जा सकता है।