प्रो. राजेश कुमार वर्मा
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प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वर्मा को चार साल के लिए ये जिम्मेदार दी है। वर्मा वर्तमान में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर में वाणिज्य प्राध्यापक हैं। वर्मा ने शिक्षा, रोजगार और नए पाठ्यक्रमों के विषय पर अमर उजाला से विशेष चर्चा की। राजेश कुमार वर्मा संघ से जुड़े हैं और यूजीसी की कमिटियों में अलग-अलग पदों पर रहे हैं। बता दें कि 30 नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है।
सवाल- कुलपति बनने के बाद आपकी क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?
वर्मा- विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति और मजबूत होना चाहिए। उस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिसाब से क्या कार्यक्रम किए जा सकते हैं। यह देखा जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हम अमल में लाएगे और नए परिवेश के हिसाब से शिक्षा में गुणात्मक सुधार करेंगे।
सवाल- रोजगार का संकट विद्यार्थियों को न रहे, इसके लिए क्या प्रयास करेंगे?
वर्मा- हम कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों पर जोर देंगे, ताकि युवा रोजगार पा सकें। वैसे भी अब युवा वर्ग की रुचि इस तरह के पाठ्यक्रमों में ज्यादा है।
सवाल- कई बार विद्यार्थी शिक्षा पाकर भी रोजगार से वंचित रह जाते हैं।
वर्मा- रोजगारपरक शिक्षा जरूरी है। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा यदि नहीं दे रहे हैं तो फिर वे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं। हम भी रोजगार वाले पाठ्यक्रमों को ही बढ़ावा देंगे। चार साल में हम टीम वर्क के साथ काम करेंगे। शिक्षा के अलावा विद्यार्थी का चरित्र निर्माण, व्यक्तिव विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
सवाल- कई बार फैकल्टी की कमी से कॉलेज जूझते हैं। कक्षाएं नियमित नहीं लग पातीं।
वर्मा- हम जहां फैकल्टी की कमी है, उसे दूर करेंगे। कक्षाएं समय पर लगें, यह सुनिश्चित किया जाएगा। बाकी जो भी कमियां होंगी, उसे दूर करेंगे।