भोपाल का सतपुड़ा भवन आग (फाइल फोटो)
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सतपुड़ा भवन में आग से करोड़ों रुपये के नुकसान के बाद अब लोक निर्माण विभाग के अधिकारी जागे हैं। अब सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में चल रहे विभागों के विद्युत उपकरण के लोड की जांच कराई जाएगी। दरअसल आग की जांच कर रही कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दोनों प्रशासनिक भवनों में आवश्यकता से अधिक एसी, कूलर तथा अन्य विद्युत उपकरण स्थापित करने का जिक्र किया है। इसके कारण भवनों में अनियंत्रित विद्युत लोड हो गया। इसके चलते आगे भी आग लगने की आशंका बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग ने इसको लेकर एक आदेश निकाला है। आदेश में सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में कार्यरत प्रत्येक विभागों द्वारा लगाए गए विद्युत उपकरणों जिसमें एसी, कूलर, फ्रीज एवं अन्य विद्युत उपकरण के कारण बढ़े हुए विद्युत लोड की जांच की जाएगी। दोनों भवनों के लिए दो-दो दल का गठन किया है। यदि किसी विभाग में ओवर लोड पाया जाता है तो कार्रवाई भी की जाएगी।
कार्यपालन इंजीनियर स्तर के अधिकारी की टीमें बनाईं
लोक निर्माण विभाग की तरफ से बनाई गई चार टीमों में कार्यपालन इंजीनियर स्तर के अधिकारी हैं। इसमें अनुविभागीय अधिकारी, सहायक यंत्री, विद्युत सुरक्षा उपयंत्री शामिल हैं। ये टीमें सभी विभागों की जांच कर रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंपेंगी। इसके बाद विभाग रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई करेगा।
24 करोड़ का नुकसान
बता दें, सतपुड़ा भवन में 12 जून को आग लग गई थी। आदिम जाति कल्याण विभाग के तीसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में लगी आग ने चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया था। छठी मंजिल पर स्वास्थ्य विभाग ने करीब ढाई करोड़ खर्च कर नया कार्यालय बनाया था। इस आगजनी की घटना में प्रारंभिक आकलन के अनुसार 24 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई। सबसे ज्यादा नुकसान स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के रिकॉर्ड और जांच की फाइलों को जलने से हुआ है। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग को पेंशन और प्रमोशन की कार्रवाई में अब लंबा समय लगने की बात कही जा रही है।