मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन हंगामे भरा रहा। शुक्रवार को कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया। इसके जवाब में बीजेपी ने भी सज्जन सिंह वर्मा और विजयलक्ष्मी साधौ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया।
पटवारी मामले में बढ़ी तनातनी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हम किसी तानाशाही से नहीं डरते। जनमत से विश्वासघात कर बनी शिवराज सिंह चौहान की सौदेबाजी की सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा के पवित्र मंदिर को अपनी तानाशाही की जागीर समझ रही है। कांग्रेस विधायक डॉ. विजयलक्ष्मी साधो और सज्जन सिंह वर्मा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की तैयारी यही बताती है कि जो विधायक पूरी ताकत से विधानसभा में जनता की आवाज उठाएंगे, उनकी आवाज घोंटने के लिए सरकार हर किस्म का गिरे से गिरा हथकंडा अपनाएगी।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा कथित विकास यात्रा के दौरान देख चुकी है कि जनता में उसके प्रति जबरदस्त गुस्सा है। शिवराज सरकार ने समाज के हर वर्ग को धोखा दिया है और झूठ बोला है। उनके वर्तमान कृत्यों से इस सरकार के पाप का घड़ा लगातार भरता जा रहा है, लेकिन तानाशाह सरकार एक बात समझ ले कि कांग्रेस न तो तानाशाही से डरती है और न ही सत्ता के दुरुपयोग से। हम हर मोर्चे पर लड़ेंगे और मध्य प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से जीतेंगे।