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MP News: सार्वजनिक/निजी विश्वविद्यालयों की शिकायतों पर प्राचार्यों को जांच का अधिकार नहीं, विभाग को देने हों

Sat, 18 Apr 2026 05:44 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में कॉलेजों से जुड़ी शिकायतों पर अब प्राचार्य जांच नहीं कर सकेंगे, ऐसे मामले सीधे विभाग को भेजे जाएंगे। मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर पारदर्शिता और सही प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब विश्वविद्यालयों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को बिना जांच सीधे कलेक्टर या अन्य अधिकारियों को नहीं भेजा जाएगा। 15 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में विश्वविद्यालयों से संबंधित शिकायतें अलग-अलग माध्यमों से संभागायुक्त या कलेक्टरों के पास भेजी जा रही थीं। इसके बाद वे संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों या अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित कर देते थे। लेकिन अब इस प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। 
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उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय विधानसभा द्वारा पारित अधिनियमों के तहत स्थापित और संचालित होते हैं। ऐसे में इन संस्थानों के मामलों में कार्रवाई का अधिकार निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही होगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विश्वविद्यालय से संबंधित शिकायत प्राप्त होती है, तो उस पर पहले संबंधित स्तर पर जांच की जाए। बिना जांच के किसी भी शिकायत को विभाग को भेजना उचित नहीं होगा। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रकरण विभाग को प्रेषित किया जाएगा।
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इस आदेश का उद्देश्य शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है, ताकि अनावश्यक दबाव और भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और नियमों का पालन ठीक तरीके से हो। विभाग के इस फैसले से अब शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है।
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