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MP News: चार राज्यों के 230 विधायक आएंगे मध्य प्रदेश, हर एक सीट पर लेंगे फीडबैक, भाजपा ने नियुक्त किए गाइड

Thu, 17 Aug 2023 09:20 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार के भाजपा विधायक सात दिन मध्य प्रदेश में रहेंगे। हर एक विधायक को एक विधानसभा क्षेत्र में सात दिन गुजारने होंगे। वे हर विधानसभा की फीडबैक रिपोर्ट तैयार करेंगे।     
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भाजपा (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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विस्तार
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भाजपा ने चुनावी रणनीति में बढ़त हासिल कर ली है। अब जमीन पर भी वह आगे निकल रही है। भाजपा ने गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से 230 विधायकों को मध्य प्रदेश के चुनावी घमासान में उतारने का फैसला किया है। यह विधायक प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में से एक में सात दिन बिताएंगे। वहां फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस आधार पर चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारा जाएगा। 

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केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिए हैं कि यह विधायक 18 अगस्त तक भोपाल पहुंच जाएं। फिर 19 अगस्त को उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में रवाना कर दिया जाेगा। एक हफ्ता रुककर वे भाजपा का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे। इसके लिए प्रदेश भाजपा की ओर से हर विधायक को एक गाइड भी दिया जाएगा। यह विधायक गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार से आ रहे हैं। इन विधायकों को पार्टी ने एक दौर की ट्रेनिंग दी है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात और उनके प्रबोधन के बाद ये विधायक एमपी के लिए रवाना किए जाएंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार भोपाल में इन विधायकों के आगमन की तैयारियों को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री को टोली नायक बनाया गया है, जिन्होंने बुधवार को पार्टी कार्यालय में टोली में शामिल पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की है। जो विधायक आएंगे उन्हें प्रदेश भाजपा की ओर से एक गाइड उपलब्ध कराया जाएगा। वह बाहर से आए विधायकों को उस विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण कराएगा। वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों से मुलाकात कराएगा, जिनसे वे मिलना चाहेंगे।

जानकारी के अनुसार इन विधायकों को वर्तमान विधायकों की फील्ड में जनता के बीच पकड़ की स्थिति बताने के साथ दावेदारों और भाजपा को कमजोर बना रहे मुद्दों की जानकारी जुटाना है। साथ ही उन विधानसभा क्षेत्रों जहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसी आकांक्षी विधानसभाओं में भी दावेदारों और अन्य परिस्थितियों की रिपोर्ट तैयार करना है। पार्टी नेताओं की बाहरी विधायकों से तैयार कराई जाने वाली कुंडली को मध्य प्रदेश में प्रवास के बाद ये विधायक केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा चुनाव की आगामी रणनीति तय करेगा।

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