अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर प्रदर्शन जारी है। रविवार सुबह भी एबीवीपी के कार्यकर्ता कुलपति के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। वह कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार को हटाने की मांग पर अड़े हुए है। वह जांच समिति की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे है। इससे पहले एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात को प्रदर्शन किया और अधिकारी/कर्मचारियों को तीन घंटे तक बंधक बना कर रखा। इसमें यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलसचिव, रजिस्ट्रार समेत दो दर्जन से अधिक अधिकारी/कर्मचारी बंधक थे। उन्होंने कुलपति की नेम प्लेट भी उखाड़ दी।
मंत्री बोले- जल्द होगी एफआईआर
यूनिवर्सिटी में मामले के बढ़ते देख रविवार सुबह उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार छात्रों से मिलने यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने यूनिवर्सिटी में अनियमितता की जांच के लिए जल्द उच्च स्तरीय समिति के गठन करने की बात कही। साथ ही कहा कि इस मामले में एफआईआर कराई जा रही है। इस मामले में दोषी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगी। सभी पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कुलपति को भी हटाया जाएगा। फिलहाल उनको छुट्टी पर भेज रहे है।
जांच रिपोर्ट के बाद कुलसचिव निलंबित
तकनीकी शिक्षा विभाग ने शिकायत के बाद तीन सदस्यीय समिति जांच के लिए गठित की थी। समिति ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट दी।इसमें यूनिवर्सिटी के 9.48 करोड़ रुपए आपराधिक षड्यंत्र कर निजी खातों में ट्रांसफर करने की पुष्टि हुई है। इसके बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलसचिव डॉ. आरएस राजपूत समेत संबंधित शाखा के तत्कालीन अधिकारी/कर्मचारियों को भी निलंबित करने का निर्णय लिया है। साथ ही इस मामले में एफआईआर कराने का निर्णय लिया है।