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MP News: ई नगर पालिका हैक मामले पर नेता प्रतिपक्ष का बड़ा आरोप, बोले- सतपुड़ा मॉडल का दूसरा संस्करण तो नहीं

Thu, 11 Jan 2024 04:53 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में ई-नगर पालिका सॉफ्टवेयर हैक मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। 
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने ई-नगर पालिका सॉफ्टवेयर के हैक मामले में प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 21 दिसंबर को कथित साइबर अपराधियों ने मध्यप्रदेश में ई- नगरपालिका पोर्टल के डाटा को हैक कर लिया था और लगभग तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी अब तक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चालू नहीं हो पाई हैं। इस साइबर अटैक से पूरे प्रदेश की 412 नगर पालिकाओं के डाटा को नुकसान पहुंचा है, सिर्फ ऑफलाइन और बैकअप डाटा ही अभी तथाकथित रूप से बचाया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि पॉपर्टी, सीवरेज, जल कर, मैरिज सर्टिफिकेट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे तमाम काम अभी पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ पाए हें। यहीं नहीं ई-नगर पालिका के बाद नेशनल हेल्थ मिशन का डाटा भी हैक होने की बात सामने आई है। अब हैकर्स द्वारा डाटा के बदले करोड़ो रुपए मांगे जाने की बात भी सामने आ रही है।  
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उमंग सिंगार ने लिखा कि साइबर हमले को लेकर की गई समीक्षा में पूरी व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई थी। मसलन 215 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पोर्टल को 11 साल पुराने सिस्टम से ऑपरेट किया जा रहा था। इसके साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग ने 50 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टीज के डाटा के डिजिटलाइजेशन में भी गंभीर लापरवाही बरती। जिस ई- नगर पालिका पोर्टल को हैक किया गया था, बैकअप डाटा भी उसी के सर्वर पर लोड किया गया था। यह डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोटोकॉल का अक्षम्य उल्लंघन था। उन्होंने आगे लिखा कि यह बात भी सामने आई कि विभाग ने अपने पोर्टल का री- ऑडिट तक नहीं कराया था और इस गंभीर लापरवाही के बारे में जब पूछा गया तो विभाग ने हास्यास्पद और बचकाना तर्क देते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष- 2022 में ऑडिट के लिए मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को पत्र लिखा था लेकिन चूंकि कार्पोरेशन के पास आवश्यक तकनीक से ऑडिट करने के विशेषज्ञ ही मौजूद नहीं थे, इसलिए ऑडिट नहीं हो पाया था। 

उन्होंने लिखा कि पोर्टल पर हुआ यह रैनसमवेयर अटैक देश के बाहर से हुआ था, जिसमें कभी नीदरलैंड के आईपी एड्रेस की बात कही जा रही है, तो कभी मॉरीशस, अफगानिस्तान और इंडोनेशिया के हैकर्स की बात कही जा रही है। नगरीय प्रशासन विभाग हर साल ऑनलाइन पेमेंट के जरिए 1200 करोड़ रुपए का राजस्व इकट्ठा करता है, जिसके के प्रति प्रदेश की भाजपा सरकार ने गंभीर लापरवाही बरती है, जो पूरी तरह से निंदनीय और अक्षम्य है। 
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