भोपाल में Ola, Uber और Rapido से जुड़े ड्राइवरों ने न्यूनतम किराया तय करने और ड्राइवर शोषण के विरोध में 2 घंटे की हड़ताल की, जिससे ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं ठप रहीं। चालकों ने बाइक टैक्सी और प्राइवेट वाहनों के यात्री परिवहन में इस्तेमाल का भी विरोध किया।
राजधानी में सोमवार को ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं अचानक ठहर गईं। Ola, Uber और Rapido से जुड़े चालक 2 घंटे की हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के बैनर तले चालकों ने सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। चालकों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां सरकारी नियमों की आड़ में ड्राइवरों का शोषण कर रही हैं। संघ की मुख्य मांग है कि न्यूनतम किराए को लेकर राज्य सरकार तत्काल अधिसूचना जारी करे और एग्रीगेटर कंपनियों को सरकारी रेट पर ही वाहन चलाने के निर्देश दिए जाएं।
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बाइक टैक्सी और प्राइवेट वाहनों पर भी आपत्ति
चालकों ने बाइक टैक्सी संचालन पर रोक लगाने और नॉन-कमर्शियल (प्राइवेट) वाहनों को पैसेंजर ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल करने के नियम का भी विरोध किया। संघ का कहना है कि इससे कमर्शियल वाहन चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
महंगाई बढ़ी, किराया घटा
भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि पेट्रोल-डीजल, CNG, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, टायर, गाड़ी के पार्ट्स और EMI सब कुछ महंगा हो चुका है, लेकिन एग्रीगेटर कंपनियां मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का सहारा लेकर तय सरकारी किराए से 50 प्रतिशत तक कम किराया लागू कर रही हैं, जो पूरी तरह ड्राइवर विरोधी है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज
संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा। हड़ताल सिर्फ शुरुआत है। चालकों ने सरकार से नियमों में संशोधन कर ड्राइवर हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।भोपाल टैक्सी चालक संघ ने इस संबंध में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।