पूर्व में किया गया आउटसोर्स कर्मचारियों प्रदर्शन
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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कंपनियां कर्मचारियों का समय पर भुगतान नहीं कर रहीं हैं। ऐसे में कर्मचारियों को घर चलना मुश्किल हो रहा है। लगातार वेतन नहीं मिलने से परेशान एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को पत्र लिखा है। कर्मचारियों ने पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को कंपनियों द्वारा वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया है कि विगत 10 माह से मंडला जिले में एवं अन्य कई जिलों में वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे आर्थिक संकट से परेशान हो रहे हैं एवं रोजी-रोटी का संकट पैदा होने लगा है।
इन जिलों में कई महीनों से नहीं मिला वेतन
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की दोहरी नीति से कई इन जिलों के मंडला जिले में 10 माह से ,पन्ना जिले के टेली मेडिसिन में 4 माह से , श्योपुर जिले के विजयपुर में 5 माह से, उज्जैन जिले में 2 माह , उमरिया जिले में 4 माह से ,नरसिंहपुर जिले में 4 माह से , धार जिले में 3 माह से ,शहडोल जिले में 4 माह से,सागर जिले में 4 माह से ,रायसेन जिले में 3 माह से ,खंडवा जिले में 3 माह से एवं अन्य कई जिलों में भुगतान नहीं किया गया है।
निजी कंपनियों के ठेकेदारों पर कमीशन खोरी का आरोप
एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 12000 आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं एवं सभी विभागों के अधीन डेढ़ लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं सरकार द्वारा कोई भी नीति नही बनाई गई है स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एवं निजी कंपनियों की ठेकेदारो की कमीशन खोरी में हर महीने करोड़ों रुपए का घपला किया जा रहा है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन है। शासन द्वारा निर्धारित दर अनुसार समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे हजारों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।