रानी कमलापति को लेकर भाजपा कांग्रेस पर लगातार हमलावर है। सोमवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर जमनकर निशाना साधा। मिश्रा ने कहा कि आपको आदिवासी समाज की गौरव रानी कमलापति नजर नहीं आती हैं, आपको तो सिर्फ इटली की महारानी ही नजर आती है। मिश्रा ने कहा कि सोनिया गांधी जी को अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए कि वह कमलनाथ जी के मत से सहमत है या असहमत है। मैं कमलनाथ जी के बयान की निंदा करता हूं। उनको सार्वजनिक रूप से माफी मांगना चाहिए।
बता दें, विपक्ष के नेता गोविंद सिंह ने कहा था कि भाजपा नए नए नाम ला रही है। फर्जी नाम जोड़ रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की वचन पत्र समिति की बैठक को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वो वचन पत्र नहीं छलावा पत्र है। पिछले पत्र में भी वो छलावा दे चुके हैं। इस बार उसकी पुनरावृत्ति करने की कोशिश है। मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के 60 सीटों की जिम्मेदारी देने की चर्चा पर कहा कि वह मान चुके हैं कि यह सीटें हार गए हैं। वे 170 के लिए लड़ाई लड़ने की बात कर रहे हैं, जहां हार उन्होंने स्वीकार कर ली है। कमलनाथ वातानुकूलित कमरों में बैठ जाते हैं। जनता के बीच में कभी जाते नहीं हैं। फिर वचन पत्र के नाम पर छल करते हैं। अब नकाब उतर चुका है। उनका गेम ओवर हो चुका है। जनता जान चुकी है कि यह छलावा समिति की बैठक है।
घोषणा पत्र सिर्फ री-प्रिंट होने वाला
कमलनाथ की भोजपुरी समाज और सेन समाज की घोषणा पर गृहमंत्री मिश्रा ने तंज करते हुए कहा कि वे जानते हैं कि उनकी सरकार आना नहीं है, लेना देना कुछ नहीं है, बस सिर्फ जनता में भ्रम पैदा करना है। छलावा पैदा करना है। मिश्रा ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार इनकी बातों में जनता आने नहीं वाली है। कागजी पुलिंदा है, कांग्रेस का घोषणा पत्र बस री-प्रिंट होने वाला है तारीखें चेंज होने वाली है बाकी सब पुराना है।
कांग्रेस की यात्राएं विलुप्त हो जाती हैं
कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग क्षेत्र की जिम्मेदारी देने पर मिश्रा ने कहा कि अभी तक एक दर्जन यात्राओं को हरी झंडी दिखाई। झंडी दिखाने के दिन तो यात्राएं दिखती हैं, लेकिन उसके बाद कहां विलुप्त हो जाती है पता ही नहीं चलता।