सीधी घटना पर कांग्रेस भाजपा पर हमलावर, शिवराज का पुतला फूंका
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सीधी के पेशाब कांड को लेकर प्रदेश में सियासत गर्मा गई है। सीधी के भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के पूर्व विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस भी हमलावर हो गई। पूर्व सीएम कमलनाथ ने घटना पर एक बयान जारी कर कहा कि यह टंट्या मामा, बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों और आदिवासियों का अपमान है। उन्होंने सीएम शिवराज को चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार को संरक्षण देना बंद करें। वहीं, कांग्रेसियों ने सीएम शिवराज का पुतला फूंका और इस्तीफे की मांग की।
सत्ता के नशे में इंसान को इंसान नहीं समझ रहे
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि आज मेरा मन मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई बहनों के अपमान की घटनाओं से बहुत दुखी है। सीधी जिले में एक आदिवासी युवक के ऊपर भाजपा नेता के पेशाब करने का वीडियो देखकर रूह कांप जाती है। क्या सत्ता का नशा इस कदर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर चढ़ गया है कि वे इंसान को इंसान नहीं समझ रहे। यह घटना आदिवासी अस्मिता पर प्रहार है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से आदिवासी समाज के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिला कर रहेगी।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय के सामने सीएम शिवराज का पुतला जलाया। साथ ही सीएम से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज के लोगों के साथ लगातार अमानवीय घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिवनी की घटना हो, मंदसौर की घटना हो सभी में भाजपा के लोग ही घटना को अंजाम दे रहे हैं और भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी इन घटनाओं पर अपनी चुप्पी साधे हुए है। इस अमानवीय घटना ने मध्य प्रदेश को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शर्मसार किया है। युवा कांग्रेस भोपाल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र यादव ने भी शिवराज सरकार का पुतला दहन किया, जिसमें युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पीड़ित को दो करोड़ मुआवजा, परिवार को सुरक्षा देने की मांग
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि सीधी में आदिवासी युवक के मुंह पर भाजपा नेता का पेशाब करना सत्ता के नशे की पराकाष्ठा है। एक तरफ कार्रवाई करने की बात करना और दूसरी तरफ मामले की लीपापोती करना भाजपा की पुरानी आदत है। पीड़ित युवक को दो करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की। मामले की जांच मध्य प्रदेश पुलिस की जगह सीबीआई को दी जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सामने आकर आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए। शिवराज जी के कार्यकाल में आदिवासियों पर अत्याचार के 30,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।
अब सीना जोरी कर रही भाजपा-जीतू
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी कहा कि सीधी की घटना में भाजपा पूरी तरह दोषी है। भाजपा ने जो कलंक गाथा एमपी पर लगाई है। उस कड़ी में एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। बाबा साहब के संविधान का अपमान हुआ है। पटवारी ने आरोप लगाया कि 20 साल में प्रदेश सरकार ने संविधान के नियमों की अवहेलना की है। आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार मध्य प्रदेश में होते हैं।