प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो महीनों में तीसरा कार्यक्रम होने जा रहा है। चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ने और उज्जैन में श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश के 4.5 लाख लोगों को धनतेरस पर गृह प्रवेश कराने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धनतेरस पर यानी 22 अक्टूबर को 4.5 लाख लोगों का अपने घर का सपना पूरा करने जा रहे हैं। वे इन लोगों को गृह प्रवेश करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यक्रम से जुड़ेंगे और सतना जिले के लोगों से वर्चुअली जुड़ेंगे भी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन 17 सितंबर को नामीबिया से आए आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क के बाड़ों में छोड़ा था। इसके बाद 11 अक्टूबर को श्री महाकाल लोक का लोकार्पण करने उज्जैन पधारे थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान अनौपचारिक चर्चा में चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कूनो आए थे तब उन्होंने श्योपुर जिले में स्वसहायता समूहों की बहनों से संवाद किया था। अब वे साढ़े चार लाख लोगों को गृह प्रवेश कराने वाले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के बाद से प्रदेश में अनेक अभियान शुरू हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीका से आए चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। यह एक ऐसी घटना थी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। यह किसी एक महाद्वीप से दूसरे में जानवरों का पहला ट्रांसलोकेशन है। भारत में सात दशक पहले चीते विलुप्त हो गए थे।
एक लाख लोग आ रहे हैं महाकाल लोक
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 11 अक्टूबर को महाकाल महाराज की कृपा से बने श्री महाकाल लोक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से हुआ। इन दोनों प्रोग्राम की सफलता के लिए सभी को बहुत-बहुत बधाई। महाकाल लोक परिसर को देखने के लिए रोज तकरीबन एक लाख लोग आ रहे हैं। हर गांव से लोग जल लेकर निकलें और रुद्रसागर में अर्पित करें। इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने की आवश्यकता है।
हिंदी में पढ़ाई से सामाजिक क्रांति शुरू
चौहान ने कहा कि रविवार को गृहमंत्री अमित शाह के करकमलों से मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ करने की सामाजिक क्रांति की शुरुआत हुई। मेरे मन में इस बात का अत्यंत संतोष है। मैं कई ऐसे बच्चों को जानता हूं, जिन्होंने अंग्रेजी के चलते मानसिक रूप से परेशान होकर पढ़ाई छोड़ दी। अंग्रेजी के मिथक को तोड़कर नई सामाजिक क्रांति का उद्भव हुआ है। मैं चिकित्सा शक्षा राज्यमंत्री विश्वास सारंग और टीम को बधाई देता हूं। दिन-रात टीम ने काम किया। इसकी पूरे देश में गूंज दिखाई दे रही है। हमारी जिम्मेदारी है कि और गहराई में बैठकर अब चिंतन करें। हिंदी और अंग्रेजी वाले की मेरिट लिस्ट भी अलग बनाएंगे। यह एक बहुत बड़ा टास्क है सफल करना है।