नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह
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मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले समान नागरिक सहिता ‘यूसीसी‘ की चर्चा तेज हो गई। मामले में भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का बयान सामने आने के बाद अब नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि देश का नागरिक चाहता है कि देशहित में यूसीसी लागू हो। कट्टरंथियों के आगे सरकार नहीं झुकेगी। चाहे कांग्रेस, आरिफ मसूद या अजहर मसूद इसका विरोध करें, यूसीसी को लाकर रहेंगे।
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर लोगों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। अनेक राज्यों ने समान नागरिक संहिता को लेकर निर्णय भी लिए हैं। देश का हर नागरिक चाहता है कि देश में समान नागरिक संहिता हो। उन्होंने कहा कि चाहे आरिफ मसूद हो या अजहर मसूद हो और कांग्रेस कितना भी विरोध करे, लेकिन देश का हर नागरिक चाहता है कि देश हित में यूसीसी होना चाहिए।
अनुच्छेद 370 के बारे में भी यही बातें कही गईं
मंत्री ने कहा कि धमकी देने वाले आरिफ मसूद को मैं कहना चाहता हूं कि इसी तरह की बातें कुछ लोग कश्मीर से अनुच्छे 370 को हटाने के बारे में भी कहते थे कि सड़कों पर खून बहेगा। खून की होली खेली जाएगी। मंत्री ने कहा कि हम सबने देखा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जी के ऊपर देश की जनता ने विश्वास किया। इसलिए धमकियों से सरकार नहीं डरने वाली। देश की जनता चाहेगी तो देश में समान नागरिक संहिता का कानून आएगा।
कई मुस्लिम देशों में लागू है यूसीसी
सिंह ने कहा कि अनेक मुस्लिम देशों में समान नागरक संहिता का कानून है, इसलिए भारत में इसका विरोध करने का औचित्य समझ में नहीं आता है। जो कट्टरपंथी लोग इस तरह की बात करते हैं वे मुस्लिम समाज का ही नुकसान करने की बात करते हैं। मुस्लिम समाज विकास में आगे ना बढ़ पाए यह षड्यंत्र ही कट्टरपंथी करते हैं।
मुस्लिम समाज को भी लाभ होगा
नगरीय विकास मंत्री सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता आएगी तो मुस्लिम समाज को भी विकास में लाभ मिलेगा और वो आगे बढ़ेंगे। मुस्लिम समाज में बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्या खत्म होगी। इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार कांग्रेस के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगी।
कांग्रेस विधायक बोले- खुलकर विरोध करेंगे
बता दें, एक दिन पहले भोपाल मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यदि यूसीसी लाया जाता है तो हम इसका खुलकर विरोध करेंगे। यह देश को बर्बाद करने करने वाला प्रोपेगेंडा है। उन्होंने कहा कि देश की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता से है। एक देश एक कानून इंडिया में संभव नहीं है। सभी धर्मों की परंपराएं अलग-अलग है। संविधान को निर्माताओं ने बहुत सोच समझकर बनाया है। उन्होंने इसे सरकार का चुनावी स्टंट करार दिया। मसूद ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है। यदि यूसीसी आता है तो इससे सिर्फ मुस्लिम नहीं दूसरे धर्मों को भी दिक्कत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाबा साहब आंबेडकर को मानने वाले यूसीसी का विरोध करें।