उमा भारती ने सौरभ शर्मा मामले में बयान दिया है।
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परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके करीबियों चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से लोकायुक्त के बाद अब ईडी पूछताछ कर रही है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक पोस्ट घोटाले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध कमाई का स्तर कितना बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा लोग शराबबंदी का विरोध यह कहकर करते हैं कि इससे राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन जब एक सिपाही ही इतनी बड़ी रकम कमा सकता है, तो सोचिए कि नीचे से ऊपर तक यह कमाई कितनी भीषण और विकरल होगी। हम राजस्व कमाने के लिए शराब पिलाकर करोड़ों लोगों की जिंदगी से खेलते है, जबकि इधर कई हजार करोड़ रुपए घोटाले में गायब हो जाते हैं। इस विसंगतति को ठी करना ही हमारा राष्ट्रधर्म है। पूर्व सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश के चेक पोस्ट घोटाले की जांच में लगी हुई एजेंसियां दक्ष और निष्पक्ष है। किंतु यह परीक्षा की घड़ी है एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर मुझे पूरा विश्वास है कि वह इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने का एक अवसर समझेंगे तथा उनके द्वारा यह आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
महाकुंभ हादसे पर बोली- संतों की संवेदना पीड़ितों के साथ
वहीं, पूर्व सीएम ने महाकुंभ में हुई भगदड़ पर प्रतिक्रिया देते कहा कि हादसे की जांच जारी है और इस पर विवाद करने से पीड़ितों की पीड़ा कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भगदड़ एक जगह हुई या दो जगह, मृतकों की संख्या कितनी है, इस पर बहस करने से कुछ नहीं बदलेगा। हमें जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए। बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मोक्ष वाले बयान के सवाल पर उमा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्होंने इस विषय पर कुछ कहा या नहीं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की भीड़ में कुचलकर तड़पते हुए मरना एवं उनके परिजनों का जीवन भर कलपते रहना, बागेश्वर धाम जैसे महान संत की उनके प्रति वंदेना हो। बता दें धीरेंद्र शास्त्री के भगदड़ में मरने वालों को मोक्ष मिलने वाले बयान की संत समाज ने भी निंदा की। इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया।