हमीदिया अस्पताल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचकर कार्बाइड गन से घायल बच्चों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 200 की गन ने 292 आंखों की रोशनी छीन ली, मगर सरकार की आंखें अब भी बंद हैं। सिंघार ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे रीवा के अंदर कोरेक्स का नशा रहता है, वैसे ही लगता है हमारे स्वास्थ्य मंत्री को भी कोरेक्स का नशा है हमेशा देर से जागते हैं। मुख्यमंत्री जी को चाहिए कि उन्हें रीवा वापस भेजकर नया स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त करें।
हादसा नहीं, बल्कि सरकारी अपराध है
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दीपावली के अवसर पर जहां बच्चों के हाथों में खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां दर्द और अंधकार छा गया है। 11 जिलों में 292 बच्चे घायल हुए हैं और कई की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सरकारी अपराध है।
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हर बार बच्चों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़
सिंघार ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने कार्बाइड गन की बिक्री पर रोक का आदेश दिया था, तो उस पर अमल क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि हर बार बच्चों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों किया जाता है। भाजपा सरकार न जनता की सुरक्षा कर पा रही है और न ही अपने ही आदेशों का पालन।
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आईसीएमआर ने दी थी चेतावनी
सिंघार ने यह भी कहा कि कार्बाइड गन के खतरे को लेकर दो साल पहले आईसीएमआर (ICMR) भोपाल ने चेतावनी दी थी। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में बताया था कि कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से बनने वाली गैस ‘एसिटिलीन’ न केवल धमाका करती है, बल्कि आंखों की रोशनी को भी स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके बावजूद सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसकी वजह से आज लोगों की आंखों की रोशनी जा रही है।