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MP News: पटवारी की CM मोहन को चिट्ठी, लिखा- महिला आयोग में 24 हजार मामले पेंडिंग, नहीं हैं अध्यक्ष और सदस्य

Tue, 21 May 2024 08:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि प्रदेश में महिलाओं की हालत बहुत खराब है। महिला आयोग में 24,000 केस पेंडिंग हैं। यहां अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं।
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जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि प्रदेश में महिलाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। महिला आयोग में 24,000 केस पेंडिंग हैं। यहां पर न तो अध्यक्ष है न ही एक भी सदस्य।

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पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि आदरणीय मुख्यमंत्री जी, माना जा सकता है कि मध्यप्रदेश को देश का क्राइम कैपिटल बनाने पर शोक की अभिव्यक्ति करना हम सब नागरिकों का कर्तव्य है। परंतु आपके द्वारा लगातार की जा रही लापरवाही एवं महिला अपराधों पर आंखें मूंद लेने की प्रवृत्ति गृहमंत्री के तौर पर आपको इस पद के लिए अयोग्य बनाती है। आज हालत यह हैं कि महिला आयोग में न अध्यक्ष हैं और न ही सदस्य और तो और महिलाओं को न्याय देने से जुड़े हुए 24,000 मामले भी पेंडिंग हैं। यह आपकी और भाजपा सरकार की अकर्मण्यता का सबसे बड़ा प्रमाण और परिणाम है। चाहे वो आगर मालवा की बलात्कार पीड़िता हो, चाहे इंदौर की साइबर क्राइम पीड़ित युवती, किसी को यदि पुलिस न्याय नहीं दिला पा रही है, तभी तो उन्होंने महिला आयोग का रुख किया।

लेकिन, अब वहां भी सुनने वाला कोई नहीं है! क्या यही आपकी महिला न्याय नीति है? आयोग के नियमानुसार किसी भी शिकायत पर 15 दिन के अंदर कार्रवाई करनी होती है, परंतु आपकी सरकार नियम और कानून से परे है। सरकार की व्यक्तिगत रुचि सिर्फ विपक्षी नेताओं पर एफआईआर कर पॉक्सो एक्ट लगाने में है!
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प्रतिवर्ष 3500 महिलाएं आयोग में दर्ज कराती हैं शिकायत
जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि आंकड़ों के अनुसार, 3500 महिलाएं प्रतिवर्ष महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाने पहुंचती हैं! अर्थात नौ से 10 महिलाएं प्रतिदिन, हर दिन इन नौ से 10 महिलाओं को न्याय न मिलने के जिम्मेदार केवल आप हैं।

साल 2023-24 में महिला प्रताड़ना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, परंतु आप मुंबई-दिल्ली एवं पूरा भारत भ्रमण कर, 300 करोड़ का जहाज खरीदने की योजना बनाने में व्यस्त रहे। हैरानी की बात है कि भाजपा की ही मंडल अध्यक्ष नारायणी बरेठा को जातिसूचक गाली देने तथा अभद्रता के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि वे दलित समाज से हैं। यही कारण है कि उन्होंने वीडियो जारी कर आत्महत्या करने की बात कही! समझा जा सकता है कि जब आप अपनी पार्टी की महिलाओं को ही न्याय नहीं दिला पा रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की महिलाओं के साथ कैसे न्याय कर पाएंगे?

महिलाओं के लिए गंभीरता से बनाएं नीति
पटवारी ने लिखा कि आपसे अनुरोध है कि मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री पद को मजाक बनाना बंद कीजिए! गंभीरता से यह विचार भी कीजिए कि महिलाओं के लिए प्रदेश में ऐसी कौन-सी नीतियां बनाई जाएं, जिससे उत्पीड़न के मामले कम हो सकें! अगले 30 दिन में एक एक्शन प्लान बनाइए और प्रदेश की महिलाओं को यह बताइए कि वे अगले 4.5 साल किस तरीके से सुरक्षित महसूस कर सकें।

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